नक्सलियों के गढ़ में लोकतंत्र की 7 सफल कहानियां - .

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Monday, 12 November 2018

नक्सलियों के गढ़ में लोकतंत्र की 7 सफल कहानियां

CG Election 2018: नक्सलियों के गढ़ में लोकतंत्र की 7 सफल कहानियां

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18 सीटों पर वोटिंग जारी है। यह नक्सल प्रभावित इलाका है, जहां विशेष सतर्कता बरतते हुए चुनाव कराए जा रहे हैं। नक्सलियों ने चुनाव के दौरान और मतदान वाले दिन भी लोगों को डराने की खूब कोशिश की, लेकिन मतदान केंद्रों के बाहर लगी लंबी-लंबी कतारें इस बात की गवाह हैं कि छत्तीसगढ़ का यह इलाका नक्सलियों के डर से उबर चुका है।  
1. पालम अडगु में 15 साल बाद पहली बार मतदान  :- सुकमा जिले के पालम अडगु गांव में 15 वर्षों के बाद लोकतंत्र के महापर्व के लिए मतदान हो रहा है। इस बार सुरक्षा के व्यापक इंतजाम होने और नक्सली भय खत्म होने के बाद लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। दोपहर 2 बजे तक 44 लोगों ने मतदान केंद्र तक पहुंचकर अपना वोट डाला।
2.  तब सिर्फ 1 वोट पड़ा था, अब 2 घंटे में 100 से ज्‍यादा वोट :- सुकमा के भेज्‍जी में जहां पिछली बार एक ही वोट पड़ा था, वहीं इस बार सुबह 9 बजे तक यहां 100 से अधिक वोट पड़े। इसी तरह गोरखा गांव के मतदान केंद्रों में भी इस बार 20 वोट पड़े हैं। इससे पहले यहां कभी वोटिंग ही नहीं हुई थी। इसी तरह दंतेवाड़ा का किडरीरास सर्वाधिक नक्‍सल प्रभावित क्षेत्र है। यहां नक्‍सलियों ने चुनाव का बहिष्‍कार किया था और लोगों से वोट न डालने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद सुबह गांव के वार्ड पंच पाकलू ने अकेले वोट डाला।
3. बस्तर में मतदाताओं की 1 किमी लंबी कतार :- यहां नक्सली धमकी को दरकिनार कर लोग मतदान के लिए घरों से निकले हैं। आलम यह है कि यहां के एक पोलिंग बूथ में दोपहर करीब 1 बजे मतदाताओं की तकरीबन 1 किलोमीटर लंबी कतार नजर आई। लोग पूरे उत्साह के साथ वोटर आईडी हाथों में थामे लाइन में लगे नजर आए। यहां दोपहर 1 बजे तक करीब 40 फीसद मतदान हो चुका है।यह भी पढ़ें
4. कल हुए थे ब्लास्ट, आज वोटर्स की लंबी कतार :- कांकेर जिले की तीन विधानसभा सीटों - कांकेर, भानुप्रतापपुर और अंतागढ़ में भी वोटिंग हो रही है। जिले के कोयलीबेड़ा क्षेत्र में मतदान से एक दिन पहले यानी रविवार को सीरियल ब्लास्ट हुए थे। इसके बावजूद मतदान के लिए लंबी कतारें देखने को मिली।
5. आजादी के बाद इस गांव में पहली बार हो रहा मतदान :- धुर नक्सल प्रभावित रोंजे पंचायत में पहली बार मतदान हो रहा है। यहां लोकतंत्र की अलख जगाने के लिए मतदान दल पहुंचे और फिर लोगों से वोट की अपील की गई। नतीजा यह निकला की लोग निर्भीक होकर घरों से निकल आए और सुबह से ही इस मतदान केंद्र में लोगों की भीड़ लग गई। बड़ी तादात में युवा, महिला-पुरुष और बुजुर्ग लोकतंत्र के इस महाउत्सव में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं।
6. अमेरिका से आई इंजीनियर ने कांकेर में किया मतदान  :- लोकतंत्र में मतदान की महत्ता को एक बार फिर साबित किया कांकेर निवासी अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर सुप्रजा मूर्ति ने। मूर्ति ने अमेरिका से कांकेर आकर अपनी बहन डॉ विजय लक्ष्मी के साथ मतदान किया और सेल्फी जोन में सेल्फी भी ली। इंजीनियर सुप्रजा मूर्ति ने कहा कि हमने विधानसभा चुनाव में मतदान कर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग किया है।

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