कंपनी से 5 हजार रुपए वापस लेने के लिए करना पड़ा 9 साल संघर्ष - .

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Tuesday, 6 November 2018

कंपनी से 5 हजार रुपए वापस लेने के लिए करना पड़ा 9 साल संघर्ष

कंपनी से 5 हजार रुपए वापस लेने के लिए करना पड़ा 9 साल संघर्ष

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से अपने पैसे वापस लेने के लिए एक उपभोक्ता को 9 साल संघर्ष करना पड़ा। जोन कार्यालय व सर्कल से उपभोक्ता को राहत नहीं मिली तो उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में केस दायर किया। फोरम ने कंपनी को राशि स्थायी कनेक्शन में समायोजित करने का आदेश दिया है। रमेश चन्द्र बाथम ने उपनगर ग्वालियर के खिड़की मोहल्ले में वर्ष 2008 में नए मकान का निर्माण किया था। उसने एक साल के लिए 1 किलो वाट का अस्थायी कनेक्शन लिया था। अस्थायी कनेक्शन लेने पर कंपनी ने रमेश चन्द्र से 5 हजार रुपए की सुरक्षा निधि जमा कराई थी।

वर्ष 2009 में मकान बनकर तैयार हो गया और उसने स्थायी कनेक्शन ले लिया। अस्थायी कनेक्शन कट जाने के बाद उसने 5 हजार रुपए की सुरक्षा निधी वापसी के लिए वर्ष 2009 में कंपनी में आवेदन किया, लेकिन कंपनी ने उसकी सुरक्षा निधि नहीं लौटाई और जोन कार्यालय से लेकर सर्कल तक अधिकारियों से शिकायत की। जब पैसा वापस नहीं मिला तो रमेश चन्द्र ने बिजली उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम में केस दायर किया।
उसने अपनी सुरक्षा निधि के पैसे वापस लेने की मांग रखी। कंपनी ने फोरम के समक्ष अपना जवाब पेश किया, जिसमें बताया कि अस्थायी कनेक्शन में खपत आई है और उसका बिल जमा है। सुरक्षा निधि अभी उसे वापस नहीं मिली है। फोरम ने सुरक्षा निधि के 5 हजार रुपए लौटाने का आदेश दिया है। यह राशि उसके बिल में समायोजित कर दी जाएगी। 

फोरम के आदेश पर बदला मीटर  :- उपभोक्ता को अपना मीटर बदलवाने के लिए फोरम में केस दायर करना पड़ा। फोरम के आदेश पर कंपनी ने मीटर भी बदल दिया और उसकी जांच भी करा दी। चार शहर का नाका निवासी प्रमिला देवी के घर पर लगा मीटर खराब हो गया। इसे बदलवाने के लिए कंपनी के पास आवेदन किया, लेकिन कंपनी ने नहीं सुनी।

सिकंदर कंपू निवासी शैलेन्द्र वर्मा को नए कनेक्शन के लिए फोरम का दरवाजा खटखटाना पड़ा। कंपनी उसे दुकान पर कनेक्शन नहीं दे रही थी। इसके चलते फोरम में केस दायर करना पड़ा। उसने तर्क दिया कि डेयरी खोली है। उसमें दूध, दही रखा जाता है, लेकिन बिजली नहीं होने से दूध, दही खराब हो जाता है। इससे नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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