नशे की हालत में गार्ड ने दौड़ा दी ट्रेन, यात्रियों की जान से खिलवाड़ - .

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Thursday, 18 October 2018

नशे की हालत में गार्ड ने दौड़ा दी ट्रेन, यात्रियों की जान से खिलवाड़

नशे की हालत में गार्ड ने दौड़ा दी ट्रेन, यात्रियों की जान से खिलवाड़
गार्ड के नशे में होने के कारण लोहरदगा रांची ट्रेन तीन घंटे लेट हुई। साउथ ईस्टर्न रेलवे के रांची रेल डिविजन रेल रूट पर बड़ा हादसा होने से टल गया। सुरक्षा को ताक पर रखकर यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ करते हुए रांची-लोहरदगा ट्रेन के गार्ड ने गुरुवार को ट्रेन दौड़ा दी। दरअसल, बड़ा हादसा होने से उस समय टल गया, जब गुरुवार को समय रहते ट्रेन ले जाने वाले गार्ड के नशे में होने की जानकारी रेलवे प्रशासन को मिली।
रांची से लोहरदगा जाने वाली ट्रेन का गार्ड सोमरा उरांव नशे की हालत में पाया गया। लेकिन ट्रेन को फिर भी गार्ड के द्वारा लोहरदगा के लिए ले जाया गया। जैसे ही इस बात की भनक रेल प्रशासन को मिली, रेलवे डॉक्टर ने ब्रेथ एनालाइजर से गार्ड की जांच की। जांच में यह बात सामने आई कि गार्ड नशे में था। गार्ड नशे में ट्रेन लेकर लोहरदगा चला गया और वापस आने की तैयारी में था। 
लोहरदगा रेलवे स्टेशन में गुरुवार को रांची जाने वाले रेल यात्री काफी परेशान रहे। रेल यात्रियों को महज डेढ़ घंटे के सफर के लिए कई घंटे का इंतजार करना पड़ा। रांची-लोहरदगा रेल खंड पर गुरुवार को यात्री रेलगाड़ी का परिचालन लगभग 3 घंटे तक ठप रहा। जिसकी वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रांची जाने को लेकर यात्री 12:30 बजे से लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर बैठे हुए थे। लोहरदगा से रांची के लिए यात्री रेल गाड़ी का परिचालन 1:30 बजे होना था। इसके बाद भी ट्रेन का परिचालन नहीं हुआ।

रांची से चलकर लोहरदगा होते हुए पहले टोरी और उसके बाद टोरी से वापस लोहरदगा होकर रांची जाने के लिए ट्रेन का परिचालन होना था, परंतु लोहरदगा स्टेशन पहुंचते ही ट्रेन लगभग 2 घंटे तक खड़ी रही। इसके बाद ट्रेन को टोरी के लिए रवाना किया गया। ट्रेन 4:15 बजे टोरी से लोहरदगा पहुंची। इसके बाद यात्री रेलगाड़ी का परिचालन सुचारू हो सका। यात्री रेलगाड़ी का परिचालन ठप रहने को लेकर रेलवे के अधिकारियों ने कोई भी जवाब नहीं दिया। रेलवे के अधिकारी खामोश रहे। जिसकी वजह से यात्रियों को कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। यात्रियों को बस इतना बताया जा रहा था कि तकनीकी खराबी की वजह से यह परेशानी हुई है। हालांकि कुछ लोगों का कहना था कि रेलगाड़ी के लोको पायलट की तबीयत खराब हो गई थी। जिसकी वजह से परिचालन प्रभावित हुआ।

इधर, रेल यात्रियों का कहना है कि अक्सर इस लाइन में रेलवे का परिचालन इसी तरह से होता है। यात्रियों को कोई जानकारी नहीं दी जाती है। कई बार तो रांची से दूसरी ट्रेन पकड़ने वाले या फिर दूसरे यात्री वाहनों से गंतव्य को जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी होती है। अक्सर उनकी ट्रेन छूट जाती है। लोहरदगा में कुल मिलाकर 3 घंटे तक यात्री काफी परेशान नजर आए। बाद में राज खुला कि गार्ड के नशे में होने के कारण ट्रेन विलंबित हुई।

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