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Saturday, 6 October 2018

मध्‍य प्रदेश में बिल्डिंग परमिशन के लिए अब नजूल की एनओसी नहीं

मध्‍य प्रदेश में बिल्डिंग परमिशन के लिए अब नजूल की एनओसी नहीं

राज्य सरकार भूमि विकास नियम में संशोधन कर बिल्डिंग परमिशन मांगने वाले आवेदकों को बड़ी राहत देने जा रही है। अब बिल्डिंग परमिशन के लिए नजूल के अनापत्ति प्रमाण पत्र लगाने की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार ने नियमों में संशोधन का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस नियम को बदलने की घोषणा की थी। फिलहाल इस संशोधन पर 15 दिन में आपत्तियां मंगाई गई हैं। इसके बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। यह फैसला कई सालों से अटका हुआ था।
अब तक जिन कॉलोनियों के लेआउट टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से स्वीकृत हैं, वहां बिल्डिंग परमिशन के लिए नजूल की एनओसी की जरूरत नहीं पड़ती है, लेकिन छोटे प्लॉट पर बिल्डिंग परमिश्ान के लिए नजूल की एनओसी की जरूरत होती है। यह एनओसी प्राप्त करने के लिए आवेदकों को कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटना पड़ते थे। इस व्यवस्था की कई बार शिकायतें होने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे खत्म करने की घोषणा की थी।
मकान की अनुमति के लिए सरकार ने आर्कीटेक्ट को अधिकार दे रखे हैं। आर्कीटेक्ट के पास मंजूरी देने के लिए जरूरी दस्तावेज के रूप में प्लॉट की रजिस्ट्री, नजूल एनओसी, डायवर्सन की कॉपी, कॉलोनी का लेआउट जरूरी होता है। सूत्रों के मुताबिक नजूल एनओसी को लेकर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता था और एक समानांतर व्यवस्था काम करने लगी थी। इसलिए इसे खत्म करने का फैसला लिया गया।
नए नियमों में अब हर व्यक्ति को नजूल एनओसी देने की जरूरत नहीं होगी। जिस प्लॉट पर बिल्डिंग परमिशन मांगी गई है, यदि वह जमीन पर राजस्व भू-अभिलेख में आवेदक के नाम पर दर्ज है तो नजूल अधिकारी को 15 दिन में एनओसी जारी करने के लिए लिखा जाएगा। यदि 15 दिन में नजूल अधिकारी से कोई आपत्ति नहीं आती है तो इसे एनओसी मान लिया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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