जज की पत्नी और बेटे को गोली मारने से पहले फेसबुक पर दे दिया था संकेत - .

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Sunday, 14 October 2018

जज की पत्नी और बेटे को गोली मारने से पहले फेसबुक पर दे दिया था संकेत

जज की पत्नी और बेटे को गोली मारने से पहले फेसबुक पर दे दिया था संकेत

हरियाणा में गुरुग्राम के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णकांत की पत्नी रेणु (रितु) एवं बेटे ध्रुव पर गोली सोची-समझी रणनीति के तहत चलाई गई। इसका अंदेशा महिपाल की फेसबुक के एक पोस्ट से हो रहा है। शुक्रवार रात करीब 10 बजे उसने फेसबुक पर एक पोस्ट अपलोड किया। इसमें पहले चार डॉट बनाए गए। बीच के दो डॉट को काट (क्रॉस) दिया गया, जबकि ऊपर एवं नीचे के डॉट को जस का तस छोड़ दिया गया। इससे लगता है कि उसने न्यायाधीश की पत्नी एवं बड़े बेटे को मारने का प्लान पहले ही बना लिया था। एसआइटी इस एंगल से भी जांच में जुट गई है। इस बीच रविवार की सुबह ध्रुव की भी इलाज के दौरान मौत की खबर आई, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

गौरतलब है कि धुव की मां रेणु की शनिवार रात मौत की पुष्टि हो चुकी है। उधर, महिपाल को चार दिनों के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया गया है। उसे हरियाणा पुलिस से बर्खास्त भी कर दिया गया है। उसकी बर्खास्तगी की पुष्टि स्वयं पुलिस कमिश्नर ने की है। सूत्रों के अनुसार, कुछ समय से महिपाल के ऊपर एक धर्म का भूत सवार हो गया था। वह इस धर्म के एक आक्रामक प्रचारक के संपर्क में था। यह प्रचारक पूरी दुनिया में घूम-घूमकर लोगों को अपने धर्म के प्रति आकर्षित करने का प्रयास करता है। उसी के प्रभाव में आकर महिपाल ने धर्म परिवर्तन करने का निर्णय लिया था। यह बात भी सामने आ रही है कि महिपाल न्यायाधीश की पत्नी एवं बड़े बेटे के ऊपर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहा था। उसके पोस्ट से पता चलता है कि दबाव नहीं मानने पर उसने वारदात को अंजाम दिया।

मानसिक रूप से परेशान नहीं है आरोपित महिपाल एसआइटी द्वारा पूछताछ से साफ हो चुका है कि आरोपित महिपाल मानसिक रूप से परेशान नहीं है। उसने पूरी सोची समझी रणनीति के तहत वारदात को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने अपने आपको मानसिक रूप से परेशान होने का ड्रामा जमकर किया। गिरफ्तारी के बाद वह घंटों बड़बड़ाता रहा। इससे पुलिस को शक हुआ कि कहीं वह मानसिक रूप से परेशान तो नहीं, लेकिन पूछताछ के दौरान साफ हो गया कि वह पूरी तरह स्वस्थ है-शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह से। उसे किसी मनोचिकित्सक से दिखाने की जरूरत नहीं है वारदात को अंजाम क्यों दिया, इस बारे में वह कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। एसआइटी के साथ ही 10 से अधिक टीमें उसके बारे में जानकारी हासिल करने के लिए लगाई जा चुकी हैं। उसका पूरा इतिहास खंगाला जा रहा है।

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