AC का टिकट लेने के बाद भी करना पड़ा स्लीपर में सफर, अब मिलेगा हर्जाना - .

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Thursday, 18 October 2018

AC का टिकट लेने के बाद भी करना पड़ा स्लीपर में सफर, अब मिलेगा हर्जाना

AC का टिकट लेने के बाद भी करना पड़ा स्लीपर में सफर, अब मिलेगा हर्जाना

जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष केके त्रिपाठी, सदस्य योगेश अग्रवाल और अर्चना शुक्ला ने अपने आदेश में कहा है कि एसी-1 का टिकट लेने के बाद स्लीपर कोच में यात्रा कराए जाने के मामले में आईआरसीटीसी उपभोक्ता को एक माह के भीतर किराया राशि 3327 रुपए के साथ 12 हजार रुपए हर्जाना अदा करे। निर्धारित समय सीमा में भुगतान नहीं होने पर 8 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।
सिंधी कॉलोनी दीक्षितपुरा निवासी राकेश बुधरानी ने उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर कर कहा कि उन्हें पत्नी सानिया बुधरानी और बेटे रौनक बुधरानी के साथ 2 जून 2013 को कालका मेल से दिल्ली से कालका जाना था। इसके लिए उन्होंने 3 अप्रैल 2013 को इंटरनेट से एसी-1 का टिकट 3327 रुपए में बुक कराया था। इसमें से एक टिकट कन्फर्म थी, जबकि 2 टिकट का वेटिंग नंबर एक और दो था।

जब सफर शुरू हुआ तो रेलवे ने उनकी एसी कोच की वेटिंग को कन्फर्म न कर स्लीपर कोच में सीट दे दी। स्लीपर कोच में परेशानी के बीच यात्रा करनी पड़ी। उपभोक्ता ने 3 जुलाई 2013 को आईआरसीटीसी से किराया वापसी की मांग की, लेकिन एसी वन का किराया वापस नहीं किया गया। सुनवाई के बाद फोरम ने आईआरसीटीसी को आदेशित किया है कि एक माह के भीतर उपभोक्ता को किराया के साथ 12 हजार रुपए हर्जाने का भुगतान करे।

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