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Friday, 19 October 2018

केवल 8 फीसद महिलाओं के पास है 10 हजार रुपए से ज्यादा की नौकरी

केवल 8 फीसद महिलाओं के पास है 10 हजार रुपए से ज्यादा की नौकरी

देश में 92 फीसद महिलाओं का वेतन 10 हजार से कम है, जबकि 82 फीसद पुरुष 10 हजार से कम की तनख्वाह पर नौकरी करते हैं। दरअसल अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय ने श्रम ब्यूरो के पांचवीं वार्षिक रोजगार-बेरोजगारी सर्वेक्षण (2015-2016) के आधार पर स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया- 2018 नाम की एक रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में पुरुष और महिलाओं की खराब आर्थिक स्थिति का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 2015 में राष्ट्रीय स्तर पर 67 फीसद परिवारों का मंथली इनकम 10,000 रुपये थी, जबकि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) ने न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये प्रति माह कर दी है।

इस रिपोर्ट को अमित बसोले ने तैयार किया है जो अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर हैं। बतौर अमित, ये आंकड़े राष्ट्रीय स्तर पर श्रम ब्यूरो के पांचवीं वार्षिक रोजगार-बेरोजगारी सर्वेक्षण (2015-2016) पर आधारित है। उन्होंने बताया मेट्रो शहरों में इसकी स्थिति अलग होगी क्योंकि गांवों और छोटे शहरों की तुलना में इन शहरों में महिलाओं और पुरुषों की आमदनी अधिक है। रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि विनिर्माण क्षेत्र में 90 फीसद मजदूरों को न्यूनतम वेतन से भी नीचे की मजदूरी का भुगतान किया जाता है। असंगठित क्षेत्र की स्थिति ज्यादा खराब है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2015-16 के दौरान भारत की बेरोजगारी दर पांच फीसद थी जबकि 2013-14 में यह 4.9 फीसद थी। अध्ययन में इस बात को भी स्पष्ट किया गया है कि बेरोजगारी दर शहरी क्षेत्रों (4.9 फीसदी) की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों (5.1 फीसदी) नें मामूली रूप से अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक पुरुषों की तुलना में महिलाओं के बीच बेरोजगारी दर अधिक है। राष्ट्रीय स्तर पर महिला बेरोजगारी दर जहां 8.7 प्रतिशत है वहीं पुरुषों के बीच यह दर चार प्रतिशत है। स्टडी के मुताबिक भारत में केवल 17 प्रतिशत व्यक्ति वेतन पर कार्य करते हैं और शेष संविदा कर्मी हैं।

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