30 डॉक्टरों और नर्सों ने पांच घंटे तक CPR देकर बचाई 8 साल के बच्चे की जान - .

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Thursday, 4 October 2018

30 डॉक्टरों और नर्सों ने पांच घंटे तक CPR देकर बचाई 8 साल के बच्चे की जान

30 डॉक्टरों और नर्सों ने पांच घंटे तक CPR देकर बचाई 8 साल के बच्चे की जान

आठ साल के शाओ यू के माता-पिता जब उसे जियांगशू प्रांत के चांगझोऊ म्यूनिसिपल चिल्ड्रेन्स हॉस्पिटल में ले गए, तो उसकी जान पर बनी थी। वह एक्यूट हार्ट फेल्योर से जूझ रहा था। उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। उसे बेहतर उपकरणों की जरूरत थी जो सिर्फ शहर के आधुनिक हॉस्पिटल ही मुहैया करा सकते थे। डॉक्टरों ने उसे शंघाई ले जाने का सुझाव दिया। शाओ को बचाने के लिए एक्ट्राकॉर्पोरल मेंब्रेन ऑक्सीजेनेशन (ECMO) ट्रीटमेंट की जरूरत थी। इसमें लाइफ सपोर्ट सिस्टम शामिल था, जो ऑक्सीजन को मरीज के खून में भरता है और हृदय व फेफड़ों का काम करने लगता है। हालांकि, जब लड़के को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने का इंतजार हो रहा था, तो उसका ब्लड प्रेशर लगातार ड्रॉप हो रहा था।

इस दौरान दिल में सूजन की वजह से उसके दिल ने धड़कना बंद कर दिया। अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उसके हृदय की बाईं वेंट्रिकल ने करीब-करीब खून को पंप करना ही बंद कर दिया था। इसके चलते 30 डॉक्टर्स और नर्स की टीम ने बच्चे को सीपीआर देना शुरू किया। वह लाइन में लगकर बारी-बारी से सीपीआर देते जा रहे थे।
इस दौरान उन्होंने करीब पांच घंटों तक लगातार सीपीआर देकर 30 हजार से ज्यादा बाद बच्चे की छाती को दबाया। इसके चलते बच्चे के दिमाग में खून की आपूर्ति होती रही और जब तक उसे ECMO ट्रीटमेंट नहीं मिल गया, तब तक डॉक्टरों ने उसे इस तरह से जिंदा रखा। बताया जा रहा है कि अब बच्चे की हालत स्थिर है। डॉक्टर ली ने कहा कि हम बच्चे को बचा सकने के लिए जो कुछ कर सकते थे, हमने वह किया। हमारी इच्छा है कि वह जल्द ही स्वस्थ हो जाए। डॉक्टरों की इस पहल की नेट पर खूब चर्चा हो रही है। हर कोई इस अच्छे काम की तारीफ कर रहा है। नेट पर लोग कह रहे हैं कि हमें इस तरह के मेडिकल प्रोफेशनल्स की जरूरत है। ये काफी सकारात्मकता फैला रहे हैं।

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