सपाक्स ने किया 21 संगठनों के महागठबंधन का दावा, त्रिवेदी और शास्त्री आमने-सामने - .

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Tuesday, 30 October 2018

सपाक्स ने किया 21 संगठनों के महागठबंधन का दावा, त्रिवेदी और शास्त्री आमने-सामने

सपाक्स ने किया 21 संगठनों के महागठबंधन का दावा, त्रिवेदी और शास्त्री आमने-सामने

सपाक्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी ने दावा किया है कि मप्र में हम ताकतवर विकल्प देने की स्थिति में हैं। प्रदेश के 21 संगठनों के महागठबंधन को लेकर सहमति जताई गई है। उन्होंने कहा कि एट्रोसिटी एक्ट में संशोधनों के खिलाफ और आर्थिक आधार पर आरक्षण देने जैसे मुद्दों पर ये सभी संगठन एकजुट हुए हैं। उधर जबलपुर में सपाक्स संस्था के संस्थापक अध्यक्ष ललित शास्त्री ने पूर्व संयोजक पीएस परिहार को पदमुक्त कर दीपक पचौरी को संयोजक और अमित खंपरिया को कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त करने का दावा किया है।
राजधानी में आयोजित बैठक में त्रिवेदी की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई, जिसमें सपाक्स उपाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल संयोजक, कुलदीप सक्सेना और विनायक पांडे सदस्य समन्वय रहेंगे। त्रिवेदी ने इस अवसर पर कहा कि जनता कांग्रेस को विकल्प के रूप पसंद नहीं करती, इसलिए हमारी जवाबदारी है कि सशक्त विकल्प प्रस्तुत करें। यदि हम संदेश दें कि यह गठबंधन विकल्प बन सकता है तो हमें सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता। हम पूरी ताकत से चुनाव लडेंगे और सरकार बनाकर दिखा देंगे। सपाक्स की उपाध्यक्ष वीणा घाणेकर ने बैठक का ब्योरा दिया।
ये संगठन थे मौजूद :- त्रिवेदी ने बताया कि बैठक में आरक्षण विरोधी पार्टी, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, राष्ट्रीय समानता देशभक्त मोर्चा, राष्ट्रीय सवर्णदल, भारतीय पॉलिटिकल अलायंस, सवर्ण समाज, विश्व शक्ति पार्टी, संपूर्ण समाज पार्टी, राष्ट्रव्यापी जनता पार्टी, विश्व शक्ति पार्टी के पदाधिकारी एवं जोगेंद्र सिंह भदौरिया शामिल थे।
अधिकारों को लेकर घमासान :- सपाक्स संस्था में अधिकारों को लेकर नाटकीय घटनाक्रम और घमासान की स्थिति सामने आई है। जबलपुर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान सामान्य पिछड़ा अल्पसंख्यक कल्याण समाज संस्था (सपाक्स) के संस्थापक अध्यक्ष ललित शास्त्री ने कहा कि हीरालाल त्रिवेदी को संचालन संबंधी अधिकार नहीं, वह केवल संरक्षक सदस्य हैं। शास्त्री ने कहा कि पीएस परिहार को पदमुक्त कर दिया गया है। रीवा निवासी आशुवेन्द्र प्रताप सिंह और भोपाल के आशीष कुर्ल को संस्था का सहसंयोजक नियुक्त किया है। यदि संस्था के पंजीयन का राजनीतिक दल के गठन में दुरुपयोग किया तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

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