पति की मौत के 20 वर्ष बाद पत्नी को हाईकोर्ट से मिला न्याय, मिलेगी पेंशन - .

Breaking

Sunday, 7 October 2018

पति की मौत के 20 वर्ष बाद पत्नी को हाईकोर्ट से मिला न्याय, मिलेगी पेंशन

पति की मौत के 20 वर्ष बाद पत्नी को हाईकोर्ट से मिला न्याय, मिलेगी पेंशन

हाईकोर्ट ने पति की मौत के 20 वर्ष बाद भी पत्नी को पेंशन नहीं दिए जाने को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने शासन को 7.05 प्रतिशत ब्याज समेत 1998 से अब तक की पेंशन का भुगतान करने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता गीता तिवारी के पति ओमप्रकाश तिवारी मत्स्य विभाग में लिपिक के पद पर कार्यरत थे। सेवाकाल के दौरान 1998 में उनका निधन हो गया। पति की मौत के बाद पत्नी ने पेंशन निर्धारण के लिए विभाग के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया।
अधिकारी ने आवेदन के साथ मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं होने की बात कहते हुए पेंशन निर्धारण नहीं की। पत्नी ने पेंशन अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया। अदालत ने दस्तावेज की जांच के बाद शासन को पेंशन भुगतान करने का आदेश दिया। इसके बावजूद महिला को पेंशन नहीं दी गई। इस पर उन्होंने अधिवक्ता विवेक वर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।

याचिका पर जस्टिस पी. सेम कोशी के कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। पेंशन अदालत के आदेश के बावजूद बेवा को 20 वर्ष तक पेंशन नहीं देने को कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। मामले में शासन को अविलंब याचिकाकर्ता की पेंशन निर्धारण कर 7.05 प्रतिशत ब्याज समेत रोकी गई पूरी पेंशन का भुगतान करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पेंशनरों को मिलने वाले भत्ते को भी जोड़ने का आदेश दिया है।

No comments:

Post a Comment

Pages