देश में अगले साल के अंत तक होंगे 10 लाख वाई-फाई हॉटस्पॉट : मनोज सिन्हा - .

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Thursday, 25 October 2018

देश में अगले साल के अंत तक होंगे 10 लाख वाई-फाई हॉटस्पॉट : मनोज सिन्हा

देश में अगले साल के अंत तक होंगे 10 लाख वाई-फाई हॉटस्पॉट : मनोज सिन्हा

दूरसंचार उद्योग दिसंबर 2019 तक देश में दस लाख वाई-फाई हॉट स्पॉट स्थापित कर देगा। संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने यह बात इंडिया मोबाइल कांग्रेस को संबोधित करते हुए कही। संचार उद्योग से संबंधित इस तीन दिवसीय सम्मेलन-सह-प्रदर्शनी के उद्घाटन के अवसर पर इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा कानूनमंत्री रविशंकर प्रसाद, उद्योग, वाणिज्य एवं नागरिक विमानन मंत्री सुरेश प्रभु तथा आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी के अलावा कई दूसरे देशों के मंत्री तथा सूचना एवं संचार उद्योग से जुड़ी देश-विदेश की प्रमुख कंपनियों के मुखिया मौजूद थे।

मनोज सिन्हा ने कहा कि दस लाख वाई-फाई हॉट स्पॉट की स्थापना राष्ट्र के डिजिटल सशक्तीकरण की दिशा में एक और कदम है। भारत वाई-फाई नामक इस देशव्यापी, साझा और इंटर-ऑपरेटेबेल प्लेटफार्म के संचालन की शुरुआत दूरसंचार एवं इंटरनेट सेवा प्रदाताओं तथा पूरे देश में एक साथ की जाएगी। इससे ग्राहकों को किसी भी आपरेटर के वाई-फाई हॉट स्पॉट के उपयोग की सुविधा प्राप्त होगी।

उद्योग, वाणिज्य व विमानन मंत्री सुरेश प्रभु का कहना था कि भारत ने नई तकनीकों के बल पर डिजिटल मोबाइल स्पेस में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ जबरदस्त उपलब्धियां हासिल की हैं। हरदीप पुरी ने कहा कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहरों में यातायात नियंत्रण के लिए हमें अत्याधुनिक संचार तकनीक की जरूरत पड़ेगी। मोबाइल कांग्रेस में राष्ट्रीय फ्रीक्वेंसी आवंटन योजना-2018 (एनएफएपी) का आगाज भी हुआ। यह भारतीय डिजिटल संचार उद्योग का रोडमैप है। इसके तहत वायरलेस एक्सेस सेवाओं तथा आउटडोर रेडियो लोकल एरिया नेटवर्क (लैन) केलिए 5 गीगाह‌र्त्ज बैंड में 605 मेगाह‌र्त्ज के एक्जेंप्ट लाइसेंस जारी किए गए हैं।

(2007 से अब तक केवल 50 मेगाह‌र्त्ज के एक्जेंप्ट लाइसेंस थे)। एनएफएपी के तहत शॉर्ट रेंज डिवाइसेज, अल्ट्रा वाइडबैंड डिवाइसेज के लिए 30 एक्जेंप्ट बैंड के साथ-साथ एम2 एम सेवाओं के लिए अतिरिक्त स्पेक्ट्रम भी जारी किए गए। इसी के साथ भारत ने अपनी 5जी योजनाओं की बानगी पेश कर दी है। एक प्रमुख नीतिगत पहल के तहत भारत ने दूरसंचार विभाग ने वर्चुअल नेटवर्क आपरेटर्स (वीएनओ) द्वारा प्रयुक्त संसाधनों के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं से भुगतान लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए वीएनओ द्वारा देय शुल्क में कमी की गई है। इससे विभिन्न चरणों में दोहरा कराधान समाप्त होगा।

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