पाकिस्तान से जीत के बाद इंदौर की झांकियों में उमड़ा सैलाब - .

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Monday, 24 September 2018

पाकिस्तान से जीत के बाद इंदौर की झांकियों में उमड़ा सैलाब

पाकिस्तान से जीत के बाद इंदौर की झांकियों में उमड़ा सैलाब

इस परंपरा के गवाह बनने के लिए लोग परिवार सहित आए। न मौसम की परवाह, न भीड़ की चिंता...। झांकियों को देखने के लिए पुलिसकर्मियों की झिड़की सुनना, भीड़ के धक्के खाने का अपना एक अलग मजा है। उसका सामना करने के लिए भी लोग सड़कों पर थे। अफसरों ने शाम पांच बजे से मिल से झांकियों को निकालकर डीआरपी लाइन तक लाने की कवायद शुरू कर दी थी। शाम सात बजे खजराना गणेश की झांकी निकली। उसके बाद आईडीए और नगर निगम की झांकी दूसरे और तीसरे क्रम पर निकली। रात 10.30 बजे तक तीनों झांकियां चिकमंगलूर चौराहा पार चुकी थीं। मिलों की झांकियों ने समय लिया और अखाड़ों के साथ निकलीं।
तिरंगा लेकर पहुंचे लोग, इंडिया... इंडिया के नारे लगे :-  रात करीब साढ़े 12 बजे जब भारत ने पाकिस्तान से मैच जीत लिया तो चल समारोह में भीड़ बढ़ गई। लोग तिरंगे लेकर झांकियों में पहुंच गए और इंडियाइंडिया के नारे लगाते हुए जश्न मनाया।
जोकर की झांकी आई पसंद :-  राजकुमार मिल की 'मेरा नाम जोकर' झांकी लोगों को काफी पसंद आई। इसी मिल की दूसरी झांकी फिल्म अभिनेत्री श्रीदेवी को समर्पित थी। निगम की एक झांकी स्वच्छता का संदेश दे रही थी।
गश खाकर गिरा घोड़े पर सवार पुलिसकर्मी :- झांकी मार्ग पर सुरक्षा को ध्यान में रखकर अश्वारोही दल को भी नियुक्त किया गया था। अलग-अलग सवार अलग-अलग सड़कों पर सुरक्षा देख रहे थे। रात करीब 10.30 बजे राजवाड़ा क्षेत्र में तैनात घोड़े पर सवार एक पुलिसकर्मी अचानक गश खाकर गिर पड़ा। साथी पुलिसकर्मियों ने उसे उठाकर एमवाय अस्पताल पहुंचाया।
ड्रोन कैमरे से निगरानी :-  झांकियों और पूरे मार्ग पर निगरानी रखने के लिए पुलिस ने ड्रोन कैमरे का उपयोग भी किया। सभी झांकियों की ड्रोन कैमरों से रिकॉर्डिंग भी की गई।
झांकियों की झलकियां :-  खतरनाक मकानों पर लाल झंडे झांकियों को निहारने के लिए लोग मार्ग के मकानों की छतों और छज्जों पर चढ़ जाते हैं। थाना मल्हारगंज क्षेत्र में भी इस तरह के कई मकान हैं। लोग इनका उपयोग न करें इसलिए पुलिस ने इन मकानों पर सूचना लगा दी और इन पर लाल झंडे भी लगा दिए। पहली बार इस तरह का प्रयोग किया गया ताकि कोई हादसा न हो।
- जेल रोड क्षेत्र में कई जगह स्ट्रीट लाइट्स बंद थी और न ही हेलोजन लगे थे। राजकुमार ब्रिज की ओर जाने वाले रास्ते पर भी अंधेरा रहा।

- झांकी मार्ग पर एक एम्बुलेंस भी आ पहुंची। जिसे बीच में से निकलने के लिए रास्ता दिया गया।
- रात साढ़े 9 बजे तक झांकी मार्ग पर भीड़ कम थी, लेकिन करीब 10 बजे बाद संख्या बढ़ी और एमजी रोड पर जाम की स्थिति बन गई।
- झांकी मार्ग पर शराब की दुकान बंद करवा दी गई।
अधिकारियों की 'झांकी' :- झांकी मार्ग पर किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसलिए अधिकारी झांकियों के साथ पैदल घूमते हैं लेकिन इस बार कुछ अधिकारियों ने अपनी गाड़ी झांकियों के बीच लगा दी। निगम की झांकियों के आगे ये गाड़ियां चलती रहीं और अधिकारियों ने इनकी सवारी का मजा लिया।
युवाओं में सेल्फी क्रेज :- झांकियों की अनूठी परम्परा हजारों लोगों ने अपने मोबाइल फोन में कैद की। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने झांकियों के कारवां के साथ फोटो ली। सेल्फी लेने वालों की भीड़ पूरे मार्ग पर बनी रही। निगम और मिल की झांकियों के साथ किन्नरों के मंच के सामने युवा खास तौर पर सेल्फी ले रहे थे। कई कॉलेज स्टूडेंट्स ने किन्नरों के साथ भी सेल्फी ली क्योंकि पहली बार वे झांकियों में शामिल हुए।

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