वीवीआईपी मूवमेंट और बलवे में सीसीटीवी से लैस वाहनों होगी लाइव मॉनिटरिंग - .

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Friday, 21 September 2018

वीवीआईपी मूवमेंट और बलवे में सीसीटीवी से लैस वाहनों होगी लाइव मॉनिटरिंग

वीवीआईपी मूवमेंट और बलवे में सीसीटीवी से लैस वाहनों होगी लाइव मॉनिटरिंग

मध्य प्रदेश में लॉ एंड आर्डर की बिगड़ती स्थिति पर नजर रखना अब आसान हो जाएगा। साथ ही वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान भी पल-पल की लाइव निगरानी हो सकेगी। गृह विभाग ने इसके लिए अत्याधुनिक सीसीटीवी सर्विलांस वाहन तैयार किए हैं। पहले फेस में तैयार किए गए वाहनों की खामियों को दूर कर इन्हें अपग्रेट किया गया है। सीसीटीवी कैमरों, सोलर एनर्जी, हाइड्रोलिक सिस्टम से लैस पुलिस वाहनों से प्रदेश के 44 शहरों में मॉनिटरिंग शुरू हो गई है। जल्द ही पुलिस कंट्रोल रूम से बैठे-बैठे बड़ी घटना-दुर्घटना, दंगे-बलवा जैसे अराजक माहौल की लाइव स्थिति देखकर हालात को काबू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक कुल 79 हाईटेक वाहन तैयार किए गए हैं। वहीं, राजधानी में पांच हाईटेक वाहनों से निगरानी शुरू कर दी गई है। इसमें चार वाहन फेस-1 व एक वाहन फेस-2 में तैयार किया गया है। इन्हें ट्रायल के बाद ही उपयोग में लिया गया है। फिलहाल इन वाहनों में सीसीटीवी कैमरों से लोकल रिकार्डिंग की व्यवस्था है। साथ ही कंट्रोल रूम में लाइव फीडिंग के लिए भी तकनीकी तैयारी पूरी कर ली गई है। इन वाहनों को दो फेस में तैयार किया गया। पहले फेस में 35 और दूसरे में 44 वाहन तैयार किए गए हैं।
यह हैं विशेषताएं :- चारों दिशाओं की निगरानी के लिए वाहनों में चार हाई क्वालीटी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। खास बात यह है कि यह कैमरे 360 डिग्री पर घूम सकते हैं। एक कैमरा गाड़ी के ठीक ऊपर लगाया गया है। निगरानी के लिए इसे गाड़ी में बैठे-बैठे और अधिक ऊंचाई तक पहुंचाया जा सकता है। सभी कैमरों को आटो सिस्टम से संचालित किया जाता है। साथ ही एक अतिरिक्त बैटरी और सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगाया गया है। यदि दोनों बैटरी डिस्चार्ज भी हो जाएं तो सोलर एनर्जी पैनल होने के कारण महीनों तक मॉनिटरिंग में रुकावट की संभावनाएं नहीं हैं। कंट्रोल रूम में लाइव फीड डंपिंग के लिए गाड़ी में 4 जी और डोंगल की व्यवस्था भी गई है।
दूसरे फेस में किया सुधार :- पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहले फेस में तैयार किए गए वाहनों में 6 रॉड हाइड्रोलिक सिस्टम के लिए लगाई गई थीं। लेकिन कम ऊंचाई और सकरे स्थानों पर निकलने में परेशानी होती थी। वहीं कई रॉड क्षतिग्रस्त भी हो गईं। लिहाजा, दूसरे फेस में इनका सुधार किया गया। साथ ही रॉड को हटाकर सिस्टम अपग्रेड किया गया। अब अन्य सामान्य गाड़ियों की ही तरह ये हाइटेक वाहन किसी भी स्थान पर आसानी से पहुंच सकते हैं।

इसलिए पड़ी जरूरत :- अकसर यह देखा गया है कि उपद्रव, दंगे, बलवा, अराजकता का माहौल या लॉ एंड आर्डर की बिगड़ती स्थिति में पुलिस की तैनाती तो की जाती है, लेकिन मामले पर एक साथ नजर रख पाना मुश्किल होता है। सिर्फ वायरलेस या फोन से मिली सूचनाओं और टेलीविजन से मिली जानकारी पर ही एक्शन प्लान तैयार होता है। इन आधुनिक वाहनों के जरिए घटना पर त्वरित निर्णय और प्लानिंग हो सकेगी। सही कार्रवाई के लिए पुलिस के पास वीडियो के रूप में साक्ष्य भी होगा। शहर में जहां कैमरे नहीं लगे हैं, वहां भी मॉनिटरिंग हो सकेगी। वीवीआईपी मूवमेंट व कड़ी सुरक्षा के दायरे में आने वाले व्यक्तियों के आवागमन के दौरान पुलिस की परेशानी भी कम होगी।

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