उपराष्ट्रपति की किताब का विमोचन, पीएम मोदी बोले- किसानों को समर्पित रहे वेंकैया नायडू - .

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Sunday, 2 September 2018

उपराष्ट्रपति की किताब का विमोचन, पीएम मोदी बोले- किसानों को समर्पित रहे वेंकैया नायडू

उपराष्ट्रपति की किताब का विमोचन, पीएम मोदी बोले- किसानों को समर्पित रहे वेंकैया नायडू

रविवार को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति के रुप में एक साल पूरा करने पर वेंकैया नायडू की एक किताब का विमोचन हुआ। इस मौके पर पीएम मोदी ने वेंकैया नायडू के साथ बिताए दिनों को याद किया। पीएम मोदी ने वेंकैया नायडू से जुड़ा एक किस्सा साझा करते हुए बताया कि, "अटल जी वेंकैया नायडू जी को मंत्रालय देना चाहते थे। तब नायडू जी ने कहा था, मैं ग्रामीण विकास मंत्री बनना चाहता हूं।" मोदी ने आगे कहा कि नायडू दिल से किसान हैं। उन्होंने किसानों की भलाई और कृषि के लिए खुद को समर्पित किया।
पीएम मोदी ने यह भी कहा, "वेंकैया जी ने टीम के साथ काम करना सिखाया, वो पदभार से ज्यादा कार्यभार पर जोर देते है। वेंकैया जी के बारे में सुनकर हमें काफी गर्व होता है, वह अनुशासन का पालन करने वाले हैं। वह कभी घड़ी, कलम और पैसे नहीं रखते हैं। घड़ी न रखने पर भी वेंकैया जी हर कार्यक्रम में समय पर पहुंचते हैं।" 245 पृष्ठों और सात अध्याय वाली किताब 'मूविंग ऑन मूविंग फॉरवर्ड : ए ईयर इन ऑफिस' किताब में राज्यसभा सभापति के रूप में अपने एक साल के कार्यकाल का वर्णन किया है। इसके अलावा में इसमें न्यू इंडिया मिशन का भी जिक्र किया है। उपराष्ट्रपति के रूप में अपने अनुभव के बारे में बताते हुए नायडू ने पुस्तक में कहा कि यह कठिन चुनौतियों और असीमित अवसरों का समय है।
इस कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू ने संसद के सही तरह से नहीं चलने पर नाखुशी जताई। उन्होंने कहा कि, "संसद जैसी चलनी चाहिए, वैसी चल नहीं रही। वहीं दूसरी तरफ वर्ल्ड बैंक, एडीबी, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रेटिंग्स ये बता रही हैं कि देश सही दिशा में बढ़ रहा है। आर्थिक मोर्चे पर देश ने जो तरक्की की है, उस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए।" इतना ही नहीं उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कृषि को लगातार सहयोग देने की बात कही। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि, "कार्यक्रम में वित्त मंत्री मौजूद हैं और हो सकता है कि मैं जो कह रहा हूं, वो उसे पसंद न करें। लेकिन आने वाले दिनों में कृषि पर अतिरिक्त ध्यान देना होगा, नहीं तो लोग खेती छोड़ देंगे, क्योंकि ये लाभ का धंधा नहीं है।"
मनमोहन सिंह का शायराना अंदाज :- कार्यक्रम में मौजूद रहे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी वेंकैया नायडू की तारीफ में कसीदें पढ़े। मनमोहन ने कहा कि, वेंकैया नायडू ने उपराष्ट्रपति, राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के दफ्तर में काम किया है। यह उनके एक साल के अनुभव में काफी हद तक दिखता है। लेकिन उनका बेस्ट अभी आना बाकी है। मनमोहन सिंह ने शायराना अंदाज में कहा कि, जैसे एक कवि ने कहा है कि सितारों के आगे जहां और भी है, अभी इश्क के इम्तिहान और भी हैं। किताब के विमोचन के इस कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली मौजूद रहे।

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