आचार संहिता से पहले भूमिपूजन की होड़ पर काम चुनाव बाद ही शुरू होंगे - .

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Wednesday, 26 September 2018

आचार संहिता से पहले भूमिपूजन की होड़ पर काम चुनाव बाद ही शुरू होंगे

आचार संहिता से पहले भूमिपूजन की होड़ पर काम चुनाव बाद ही शुरू होंगे

चुनाव में श्रेय लेने के लिए नेता लगातार भूमिपूजन करते जा रहे हैं, लेकिन अतिक्रमण के कारण काम चालू नहीं हो पाए। इनमें से प्रमुख काम अमृत योजना से संबंधित नाले-नालियों और सीएम इंफ्रा से संबंधित है। रुके हुए काम चुनाव के बाद ही चालू होने की उम्मीद है। इसमें से पंचशील नाला, 11 नंबर, 12 नंबर, छह नंबर, जाटखेड़ी नाला सहित मोती मस्जिद से इमामी गेट की सड़क मुख्य रूप से शामिल है।
हाल ही में राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता द्वारा अमृत योजना के तहत पंचशील नगर नाले का भूमिपूजन किया था। यह नाला पंचशील नगर से एकांत पार्क तक 1350 मीटर का बनाया जाना है। निगम ने जुलाई में टेक्नोक्राफ्ट इंफ्रा कंपनी को वर्कऑर्डर भी जारी कर दिया। जब ठेकेदार काम करने के लिए पहुंचा तो पता चला कि नाले पर 200 से अधिक अतिक्रमण हैं, जिन्हें हटाने की जिम्मेदारी निगम की है, लेकिन चुनावी साल होने के कारण अतिक्रमण नहीं हटाए गए। यहां नाले का चौड़ीकरण और कांक्रीट की दीवार बनाई जानी है।
यही नहीं प्रोजेक्ट में भदभदा से राजीव नगर होते हुए नया बसेरा तक 500 मीटर और तीसरा नाला अंबेडकर नगर, सुदामा नगर से होते हुए लुंबिनी परिसर तक 325 मीटर लंबाई का नाला भी बनाया जाना है। इस कार्य पर 7.50 करोड़ रुपए खर्च होना है। 
जाटखेड़ी खेड़ी नाला :- हर साल जलभराव का कारण बनने वाला जाटखेड़ी नाले का भूमिपूजन महापौर आलोक शर्मा द्वारा इसी महीने में किया गया। इस पर अमृत योजना के तहत करीब 8 करोड़ रुपए खर्च होना है। अड़चन - शनि मंदिर से आरकेडीएफ कॉलेज तक नाले पर पक्के निर्माण हैं। दूसरी ओर भी इसी तरह अतिक्रमण है, जिसे नहीं हटाया जा सका, जिससे काम चालू नहीं हो पाया।
11 नंबर नाला :- इस पैकेज में 6 नंबर से लेकर 11 नंबर और 12 नंबर तक के नाले का निर्माण होना है। महापौर ने इसका भूमिपूजन किया है। इस पर अमृत योजना के तहत 8 करोड़ रुपए खर्च किए जाना है। अड़चन - 11 नंबर में हाउसिंग बोर्ड द्वारा नाले पर ही बिल्डिंग बनाई गई है। इसी तरह 6 नंबर और 12 नंबर में बड़ी संख्या में पक्के अतिक्रमण हैं, जिन्हें हटाए बिना निर्माण कार्य संभव नहीं है।
मोती मस्जिद से इमामी गेट तक चौड़ीकरण :- मोती मस्जिद से पीरगेट होते हुए इमामी गेट अग्रसेन चौक तक सड़क का चौड़ीकरण होना है। पिछले सप्ताह ही महापौर आलोक शर्मा ने इसका भूमिपूजन किया है। इस पर सीएम इंफ्रा के तहत 10 करोड़ रुपए खर्च होना है। अड़चन - पीरगेट से मोती मस्जिद के बीच सड़क सीमा में 45 से अधिक पक्के निर्माण हैं, जिन्हें नहीं हटाया गया। इस हिस्से पर चौड़ीकरण से पहले निर्माण हटाना होगा। तभी काम हो पाएगा।
बीआरटीएस की सर्विस रोड दो साल बाद भी :- अधूरी बोर्ड ऑफिस से गणेश मंदिर तक दोनों ओर सर्विस रोड बनाने का काम अटका हुआ है। निगम यह काम 6 करोड़ रुपए की लागत से कर रहा है, लेकिन दो साल बाद भी सर्विस रोड का निर्माण अधूरा ही है। अड़चन - मानसरोवर कॉम्प्लेक्स से लेकर हबीबगंज रेलवे स्टेशन के सामने सर्विस रोड की सीमा में पक्के निर्माण आ रहे हैं। यह निर्माण रसूखदारों के हैं, जिसे निगम नहीं हटा पाया। कॉम्प्लेक्स के सामने भी उलझन की स्थिति बनी हुई है।
नगर निगम ने जारी किए 175 करोड़ के म्यूनिसिपल बांड :- नगर निगम भोपाल ने मंगलवार को 175 करोड़ के म्यूनिसिपल बांड जारी कर दिया है। महापौर आलोक शर्मा ने निगम आयुक्त अविनाश लवानिया की उपस्थिति में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर भोपाल नगर निगम के म्यूनिसिपल बांड जारी किए। एनएसई पर सूचीबद्ध होते ही निवेशकों ने इन बांड्स को हाथों हाथ लिया। बांड को अपने बेसिक इश्यू साइज से दोगुना निवेश प्राप्त हुआ है।
भोपाल म्यूनिसिपल बांड जारी करने वाला देश का छठवां और इंदौर के बाद प्रदेश का दूसरा नगर निगम बन गया। पेयजल, सीवेज के हो सकेंगे काम बता दें कि निगम को अमृत योजना के तहत पेयजल, सीवेज आदि कार्यों के लिए केंद्र सरकार से रकम मिली है। निगम को इस योजना के तहत करीब 900 करोड़ से अधिक रुपए स्वीकृत हुए हैं। इसकी 17 प्रतिशत राशि निगम को अपनी आमदनी में से देना है। बाकी रकम केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से दी गई है। निगम को यह रकम बांड के माध्यम से एकत्र होगी।

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