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Saturday, 22 September 2018

दूरस्थ इलाकों में 4G नेटवर्क के लिए जियो करेगा इसरो के सैटेलाइट का इस्तेमाल

दूरस्थ इलाकों में 4G नेटवर्क के लिए जियो करेगा इसरो के सैटेलाइट का इस्तेमाल

मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस जियो ने बेहतरीन और सस्ती 4जी सर्विस देकर भारत में सूचना क्रांति के नए युग की शुरुआत की है। आज दुनिया की हर जानकारी हर आदमी के हाथ में मौजूद है। मगर, दूर-दराज के इलाकों, पहाड़ी क्षेत्रों और ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की परेशानी अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। लिहाजा, जियो ऐसा कदम उठाने जा रहा है, जिसके बाद देश के किसी भी कोने में बेहतरीन 4जी नेटवर्क मिल सकेगा।
इसके लिए जियो ने ह्यूग्स कम्युनिकेशन (HCIL) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की तकनीक का इस्तेमाल करके सैटेलाइट के जरिए नेटवर्क मुहैया कराएगा। ऐसा करने वाला Jio दुनिया का पहला टेलिकॉम सर्विस प्रोवाइडर होगा। बताते चलें कि रिलायंस जियो 400 से ज्यादा LTE साइट्स को जोड़ने जा रहा है, जो धरती पर मौजूदा बैकहौल सर्विसेज की पहुंच से बाहर हैं। इस समय यह नेटवर्क कई साइट्स पर डेप्लॉयमेंट का काम कर रहा है। जियो ने 4जी नेटवर्क के लिए सैटलाइट बैकहौल का सेट-अप करने का काम ह्यूग्स कम्युनिकेशन को दिया है। इसके लिए जियो ने कंपनी के साथ 10 मिलियन डॉलर से ज्यादा का कॉन्ट्रैक्ट किया है।
भारतीय टेलिकॉम कंपनियां अपने मोबाइल टॉवर्स को जोड़ने के लिए माइक्रोवेव्स का इस्तेमाल करती है। दरअसल, ऑप्टिकल फाइबर की मदद से टॉवर्स को जोड़ने पर ज्यादा खर्च आता है। इसके साथ ही इसे पहुंचाने में भी काफी परेशानी होती है। लिहाजा, ग्रामीण इलाकों और पहाड़ी इलाकों में ऊंचाई पर माइक्रोवेव्स का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए जियो ने सैटेलाइट्स के माध्यम से अपने 400 टॉवर्स को जोड़ने का फैसला किया है। जियो ग्रुप के प्रेजिडेंट ज्योतिंद्र ठाकर के मुताबिक, सैटेलाइट्स माइक्रोवेव की तरह तो काम नहीं करता है लेकिन इसके जरिए 10 एमबीपीएस से लेकर 30 एमबीपीएस तक की स्पीड मिल सकती है। ह्यूग्‍स कम्‍युनिकेशंस इंडिया के प्रेसिडेंट पार्थो बनर्जी ने कहा कि दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में 4जी/एलटीई सर्विस के विस्‍तार के लिए सैटेलाइट एक आदर्श टेक्‍नोलॉजी है।

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