नारियल के तेल को 'जहर' बता रही है हार्वर्ड की प्रोफेसर, जानिए क्यों - .

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Friday, 24 August 2018

नारियल के तेल को 'जहर' बता रही है हार्वर्ड की प्रोफेसर, जानिए क्यों

नारियल के तेल को 'जहर' बता रही है हार्वर्ड की प्रोफेसर, जानिए क्यों

नारियल के तेल का नाम लेंगे तो किसी के मुंह से नहीं निकलेगा कि ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। लोगों को इस तेल के फायदों का बखान करते हुए सुना होगा। माना जाता है कि नारियल के तेल में सैच्युरेटेड फैट की काफी अधिक मात्रा होती है जो काफी हेल्दी है। इसलिए तलने-भुनने के लिए भी इस तेल को अच्छा माना जाता है। नारियल तेल शरीर में उतनी आसानी से नहीं जमता जितना कि अन्य तेल। इसलिए वजन कम करना हो तो इसी तेल का इस्तेमाल खाने के लिए किया जाता है। लेकिन हार्वर्ड के एक प्रोफेसर ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।
हार्वर्ड टी एच चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की एपिडेमोलॉजिस्ट कैरिन मिशैल्स के मुताबिक नारियल तेल पूरी तरह से 'जहर' है। उनके मुताबिक इस तेल का खाने में इस्तेमाल बिलकुल नहीं करना चाहिए। प्रोफेसर कैरिन 'कोकोनट ऑयल ऐंड अदर न्यूट्रीशनल एरर्स' पर स्पीच दे रही थी।उन्होंने दुनिया की सबसे खराब खाने की चीजों में से एक है नारियल का तेल को माना है। कैरिन ने नारियल के तेल में शामिल सैचुरेटेड फैट पर सवाल उठाया है जिसे खराब कॉलेस्टेरॉल से जोड़ा जा सकता है। 
हालांकि सैचुरेटेड फैट से गिनाए जाने नुकसानों पर लंबे समय से सवाल खड़े किए जाते रहे हैं। माना जाता है कि धूम्रपान और आनुवंशिकी जैसे कारणों के कारण दिल का दौरा पड़ने की संभावना ज्यादा रहती है। लेकिन प्रोफेसर कैरिन ने नारियल के तेल में शामिल कैलोरी पर को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनके मुताबिक एक चम्मच नारियल के तेल में 117 कैलोरी होती है और असंतुलित तरीके से इस्तेमाल करने पर यह नुकसानदेह हो सकता है। इसकी तुलना में जैतून का तेल ज्यादा हेल्दी है, जिसमें अनसैच्युरेटेड फैटी एसिड होता है।
हालांकि कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने प्रोफेसर कैरिन के दावों पर सवाल खड़े किए हैं। कई भारतीयों ने भी मिशेल की बात पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि वो लोग सालों से नारियल का तेल इस्तेमाल करते आ रहे हैं और स्वस्थ हैं।

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