अब देश की एडवांस लैब पकड़ेगी टेलीकॉम की तकनीकी गड़बड़ी - .

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Wednesday, 29 August 2018

अब देश की एडवांस लैब पकड़ेगी टेलीकॉम की तकनीकी गड़बड़ी

अब देश की एडवांस लैब पकड़ेगी टेलीकॉम की तकनीकी गड़बड़ी

मोबाइल फोन और इंटरनेट सर्विस सहित सोशल मीडिया व टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी की जांच के लिए अब विदेश नहीं जाना होगा। दूरसंचार विभाग यह एडवांस लैब देश के सभी प्रदेशों में बनाएगा। शुरुआत बेंगलुरु से होगी जहां एडवांस लैब दिसंबर वर्ष 2019 तक स्थापित हो जाएगी। इसके बाद हैदराबाद में यह लैब खुलेगी।
भारत में टेलीकॉम और इंटरनेट के साथ सेटेलाइट से जुड़े अधिकांश उपकरण विदेश से आयात होते हैं। कई बार तकनीकी गड़बड़ी के कारण उसकी जांच के लिए विदेश जाना पड़ता है। ऐसे उपकरणों की जांच के लिए ब्रिटेन के पास सबसे बेहतर आधुनिक लैब है, जिसकी मान्यता विश्व के सभी देशों की साइबर से जुड़ी विंग करती है। अब दूरसंचार मंत्रालय भारत में ऐसी ही एडवांस लैब बनाएगा। इसे लेकर 23 और 24 अगस्त को आधुनिक संचार तकनीक एवं सुशासन पर दो दिवसीय कार्यशाला भी हुई थी।
यूपी पूर्वी सर्किल के लाइसेंस सर्विस एरिया अध्यक्ष व सीनियर डिप्टी डीजी कमल कुमार सक्सेना ने बताया कि मोबाइल सर्विस, इंटरनेट सर्विस, सिग्नल ट्रांसमिशन, ऑप्टिकल फाइबर केबिल, सेटेलाइट सहित विदेश से आयात होने वाले सभी कम्युनिकेशन उपकरणों की जांच के लिए एक एडवांस लैब बनाने की जरूरत महसूस की गई। दूरसंचार विभाग साल में एक बार ऐसी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों का निरीक्षण करता है जिसके 10 हजार से अधिक कनेक्शन होते हैं।
कार्यशाला में आए विशेषज्ञों ने यह बताया था कि अभी उपकरणों की जांच के लिए विदेश जाना जहां महंगा होता है वहीं वीजा जैसी प्रक्रिया में समय लगता है। ऐसे में एडवांस लैब की स्थापना लखनऊ में करनी चाहिए। दूरसंचार विभाग की मदद से अभी पुलिस, नारकोटिक्स, डायरेक्टर ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस, सेंट्रल बोर्ड ऑफ आयकर निदेशालय जैसे संस्थानों को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

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