दिल्ली : मुख्य सचिव मामले में केजरीवाल के सेक्रेटरी बने सरकारी गवाह - .

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Tuesday, 14 August 2018

दिल्ली : मुख्य सचिव मामले में केजरीवाल के सेक्रेटरी बने सरकारी गवाह

दिल्ली : मुख्य सचिव मामले में केजरीवाल के सेक्रेटरी बने सरकारी गवाह

दिल्ली में मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने सोमवार को चार्जशीट दाखिल की थी। इस चार्जशीट में पुलिस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अलावा 11 विधायकों का नाम लिया है। इस बीच केजरीवाल सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं क्योंकि केजरीवाल के दो सेक्रेटरी सरकारी गवाह बन गए हैं।
दिल्‍ली पुलिस के एडिशनल डीसीपी (नॉर्थ) हरेन्द्र कुमार के मुताबिक, इस मामले में विभव कुमार और विवेक यादव सरकारी गवाह बन गए हैं। आपको बता दें कि विभव कुमार दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के पर्सनल सेक्रेट्री हैं, जबकि विवेक यादव पॉलिटिकल सेक्रेट्री हैं। कुमार के मुताबिक, दोनों खुद सरकारी गवाह बने हैं।
वीके जैन ने फोन कर अंशु प्रकाश को बुलाया था :- चार्जशीट के मुताबिक, वीके जैन के माध्यम से ही केजरीवाल ने मुख्य सचिव को 19 फरवरी की सुबह से देर रात तक बार-बार फोन करवाकर बैठक के बहाने अपने आवास पर बुलवाया था। मुख्य सचिव के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाकर उसे भी आरोप पत्र में रखा गया है।  घटना के दूसरे दिन 21 फरवरी की सुबह सिविल लाइंस थाना पुलिस ने वीके जैन से थाने में बुलाकर पूछताछ की थी। इसके बाद पुलिस ने 22 फरवरी को मजिस्ट्रेट के सामने बंद कमरे में उनका बयान दर्ज करवा दिया था। बयान में उन्होंने घटना की पूरी सत्यता उजागर कर दी थी। तभी पुलिस ने उन्हें केस का मुख्य चश्मदीद गवाह बना लिया था।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, प्रोटोकॉल के तहत मुख्य सचिव से केवल मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ही पूछताछ कर सकते हैं और उन्हें बैठक के लिए बुला सकते हैं, लेकिन इस केस में मुख्य सचिव को बुलाने के बाद केजरीवाल ने उन्हें विधायकों के सवालों के जवाब देने को कहा था। ऐसा करना भी नियम के खिलाफ था। उन्हें सोफे पर दो विधायकों के बीच में बैठाना भी गलत था। इन सब बातों को भी आरोप पत्र में रखा गया है।वीके जैन को छोड़ किसी ने स्वीकार नहीं की थी मुख्य सचिव से मारपीट की बात
मुख्य सचिव के साथ मारपीट मामले में दिल्ली पुलिस ने 25 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की थी। सबसे पहले मुख्यमंत्री के आवास पर हुई कथित बैठक में मौजूद रहे आप के 11 विधायकों और मुख्यमंत्री के तत्कालीन सलाहकार वीके जैन से पूछताछ की गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री के निजी सचिव विभव कुमार, मुख्यमंत्री आवास पर रहने वाले आप कार्यकर्ता, मुख्य सचिव के चालक व पीएसओ से पूछताछ की गई थी, लेकिन वीके जैन को छोड़कर सभी ने मुख्य सचिव से मारपीट की बात से इन्कार किया था, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट की पुष्टि हो गई थी।

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