लंदन में राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर डोकलाम को लेकर साधा निशाना - .

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Friday, 24 August 2018

लंदन में राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर डोकलाम को लेकर साधा निशाना

लंदन में राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर डोकलाम को लेकर साधा निशाना

विदेश यात्रा पर निकले राहुल गांधी अपने बयानों के कारण विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। लंदन स्थित थिंक टैंक इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज में लोगों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी के लिए डोकलाम विवाद एक इवेंट है। मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश ने सत्ता के विकेन्द्रीकरण के कारण सफलता पाई है लेकिन पिछले चार वर्षों में स्थिति में काफी बदलाव हुआ है। अब देश में सत्ता का केन्द्रीकरण हो गया है जिससे देश कमजोर हो रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि पीएमओ की विदेश मंत्रालय पर भी एकाधिकार है। विदेश मंत्री के पास कोई काम नहीं है, इसलिए वह लोगों को केवल वीजा देने में बिजी हैं। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी से जब डोकलाम को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मेरे पास इसे लेकर पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए मैं कुछ नहीं कह सकता हूं, लेकिन इतना जरूर कहना चाहता हूं कि डोकलाम कोई सीमा विवाद नहीं है। यह एक रणनीतिक मामला है।'
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर नोटबंदी को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के विचार राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से आया जिसे प्रधानमंत्री के दिमाग में फिट कर दिया गया। इस काम के लिए वित्त मंत्री और रिजर्व बैंक के सुझाव को नजरअंदाज किया गया।
आरएसएस की तुलना मुस्लिम ब्रदरहुड से की :- कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना मिस्र के इस्लामी संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड से कर एक बार फिर विवादों मेें आ गए हैं। शुक्रवार को जर्मनी से ब्रिटेन पहुंचे राहुल ने कहा, ‘भारत का आरएसएस संगठन देश की तासीर बदलने की कोशिश कर रहा है। इस संगठन की विचारधारा अरब जगत के मुस्लिम ब्रदरहुड जैसी है। इसके पीछे उनका विचार यह है कि एक ही विचारधारा सभी संस्थानों में रहनी चाहिए। यह ऐसा विचार हो जो दूसरे सभी विचारों को खत्म कर दे।’ राहुल ने आगे कहा कि, ‘भारत में इस संगठन (आरएसएस) के अलावा ऐसा और कोई संगठन नहीं है जो संस्थानों पर कब्जा जमाना चाहता हो। इस पार्टी के अलावा कांग्रेस, सपा, बसपा, द्रमुक सत्ता चाहे कोई भी पार्टी सत्ता में आए वो कभी संस्थानों पर कब्जा करने की कोशिश नहीं करती।’
जानिए मुस्लिम ब्रदरहुड के बारे में :- आपको बता दें कि मुस्लिम ब्रदरहुड अरब का इस्लामिक संगठन है यह 90 साल पुराना है और इसका उद्देश्य अन्य देशों में भी इस्लाम का प्रचार-प्रसार करना और इस्लामिक कानून शरिया लागू करना है। इस संगठन पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप भी लगता रहा है। आतंक, हिंसा और कट्टरवाद फैलाना इस संगठन का मुख्य काम है जिसके चलते इस संगठन को रूस, सीरिया, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन तथा मिस्र में आतंकी संगठन घोषित किया जा चुका है। साल 2012 में मिस्र के तत्कालीन राष्ट्रपति होस्नी मुबारक को सत्ता से हटाने के पीछे भी इसी संगठन (मुस्लिम ब्रदरहुड) का ही हाथ माना जाता है।

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