विदिशा : आंख, मुंह, कानों में भरा फेवीक्विक, ऐसे दर्दनाक मौत दी महिला को - .

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Saturday, 4 August 2018

विदिशा : आंख, मुंह, कानों में भरा फेवीक्विक, ऐसे दर्दनाक मौत दी महिला को

विदिशा : आंख, मुंह, कानों में भरा फेवीक्विक, ऐसे दर्दनाक मौत दी महिला को
शहर की राजपूत कालोनी में एक महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पर एक महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी गई है और उसके मुंह, कान और आंखों में फेवीक्विक डाल दिया गया। महिला की मौत के बाद से पति फरार है। जिसके चलते परिजन और पुलिस उस पर हत्या का संदेह जता रहे हैं। पुलिस को पीएम रिपोर्ट नहीं मिली है। जिसके चलते मर्ग कायम किया गया है। पुलिस का कहना है कि हत्या की पुष्टि होने पर प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
शहर के कोतवाली थाना अंतर्गत राजपूत कालोनी में रहने वाली 36 वर्षीय दुर्गाबाई कुशवाह की उसके ही घर में एक दिन पहले गुरूवार की दोपहर में हत्या कर दी गई थी। मृतिका के पुत्र 16 वर्षीय शुभम कुशवाह ने बताया कि गुरूवार की सुबह उसके पिता हल्केराम ने उसे गंजबासौदा भेज दिया था। दोपहर में बासौदा से वापस आकर वह अपने घर पहुंचा तो पिता ने उसे घर के बाहर से ही चाय लेने भेज दिया। कुछ देर बाद जब वह चाय लेकर घर पहुंचा तो पिता गायब थे। और उसकी मां दुर्गाबाई कंबल ओड़े पलंग पर पड़ी थी।
उसने मां को अचेत अवस्था में देखा तो आटो में लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बेटा के बयानों के आधार पर पिता द्वारा ही महिला की हत्या करने की बात सामने आ रही है। शुक्रवार को पुलिस ने फारेसिंक टीम से महिला का पोस्टमार्टम कराया है। जिसमें डा. निर्मला तिवारी, डा.प्रदीप गुप्ता, डा.पीएम मिश्रा और मेडीकल कालेज के फारेंसिक विशेषज्ञ डा. नरेन्द्र पटेल मौजूद रहे। कोतवाली थाना प्रभारी आरएन शर्मा का कहना है कि फिलहाल मर्ग कायम किया गया है। प्राथमिक पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद बेटे के बयानों के आधार पर उसके पति पर हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा।
चूहा मार दवा खिलाकर कर चुका था हत्या की कोशिश :- मृतिका दुर्गाबाई के पुत्र शुभम का कहना था कि उसके माता पिता के बीच अकसर विवाद होता रहता था। करीब 8 माह पहले विवाद के दौरान पिता हल्केराम ने मां दुर्गाबाई को जबरन चूहा मार दवा खिला दी थी। इस घटना के बाद उन्होंने पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्यवाही नही की। शुभम का कहना है कि त्योंदा तहसील के ग्राम घटेरा निवासी रवि अहिरवार को उसके पिता ने भाई माना था। जिसके चलते वह भी हमारे साथ रहता था। लेकिन पिता हल्केराम कई बार मां दुर्गाबाई को रवि को लेकर गालियां देते थे। कुछ दिन पहले भी रवि और हल्केराम में विवाद हुआ था। इसके बाद रवि घर छोड़कर जाने लगा था। लेकिन हल्केराम उसे स्टेशन से वापस ले आया था।
शहर छोड़ने की थी तैयारी :- हल्केराम अपनी पत्नी दुर्गाबाई और दोनो पुत्र शुुभम और रोहित के साथ स्वयं के मकान में करैयाखेड़ा रोड कालोनी में रहता था। तीन माह पहले वह मकान बेचकर राजपूत कालोनी में किराये के मकान में रहने लगा था। 26 जुलाई को पूरा परिवार इंदौर रहने चला गया था। उनके साथ रवि भी था। इंदौर में किराये का मकान भी ले लिया था। जहां पूरा परिवार एक रात रहा। इसके बाद हल्केराम उसकी पत्नी दुर्गाबाई और बड़ा बेटा शुभम सामान लेने विदिशा आ गए। जबकि रवि और उसका छोटा बेटा रोहित इंदौर में रूके रहे। इसी बीच गुरूवार की दोपहर में दुर्गाबाई की हत्या हो गई।
रवि से हुआ था विवाद :- इधर रवि अहिरवार का कहना है कि डेढ़ साल पहले अरिहंत विहार में मजदूरी करने के दौरान उसकी पहचान दुर्गाबाई और उसके पति से हुई थी। हल्केराम उसे भाई मानने लगा था और अपने घर ले गया। तभी से उनके साथ रहता था। लेकिन कुछ समय से वह मुझसे अच्छा व्यवहार नहीं करते थे। बीच में एक बार उनमें विवाद भी हो चुका था। जिसकी कोतवाली थाने में शिकायत की गई थी।
जिला अस्पताल से उठी अर्थी :- शुक्रवार की दोपहर में पोस्टमार्टम होने के बाद जिला अस्पताल से ही दुर्गाबाई की अर्थी सजाकर बेतवा स्थित मुक्तिधाम ले जाई गई। मां की मौत और पिता के गायब होने के बाद दोनों छोटे-छोटे भाईयों के पास इतने रूपए भी नहीं थे कि वह अपनी मां का अंतिम संस्कार कर सकें । रिश्तेदारों के सहयोग से अंतिम संस्कार का सामान जुटाया गया। इधर मुक्तिधाम सेवा समिति के सचिव मनोज पांडे ने बताया कि अंतिम संस्कार के लिए कंडे-लकड़ी की व्यवस्था समिति ने की थी।

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