वार्ता के बीच ही अमेरिका-चीन ने परस्पर उत्पादों पर शुल्क बढ़ाया - .

Breaking

Sunday, 26 August 2018

वार्ता के बीच ही अमेरिका-चीन ने परस्पर उत्पादों पर शुल्क बढ़ाया

वार्ता के बीच ही अमेरिका-चीन ने परस्पर उत्पादों पर शुल्क बढ़ाया

 चीन और अमेरिका के बीच कारोबारी तनातनी एक बार फिर बढ़ गई है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है। अमेरिका ने चीन से 16 अरब डॉलर के आयात पर शुल्क बढ़ाने की घोषणा की तो चीन ने भी तुरंत जबावी कार्रवाई करते हुए अमेरिका की 16 अरब डॉलर की वस्तुओं पर 25 फीसद शुल्क लगा दिया।
अमेरिका ने कहा कि चीन में अमेरिकी तकनीक का बड़े पैमाने पर चोरी हो रही है। इस वजह से उसने भारी शुल्क लगाने का फैसला किया है। अमेरिका यह कदम ऐसे समय उठाया है जबकि चीन के अधिकारियों का दल वाशिंगटन में कारोबारी विवाद सुलझाने के लिए अमेरिकी अधिकारियों से बातचीत कर रहा है। चीन के वाणिज्य उप मंत्री वांग शोवेन की अमेरिका के वित्त विभाग के उप मंत्री डेविड मैलपास के साथ विवाद सुलझाने के लिए बातचीत होने के बावजूद तनाव बढ़ गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात पर जोर देते रहे हैं कि चीन को अमेरिका के साथ व्यापार घाटे में 100 अरब डॉलर की कमी करनी चाहिए और इसके लिए अमेरिका की 200 अरब डॉलर की वस्तुओं को चीन के बाजार में अनुमति देनी चाहिए। इसके अलावा अमेरिकी तकनीक के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार सुनिश्चित करना चाहिए। अमेरिका के साथ चीन का कुल व्यापार 636 अरब डॉलर का है जबकि अमेरिका के लिए व्यापार घाटा 375 अरब डॉलर है।
चीन ने वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि वह अमेरिका के कदम के खिलाफ विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में शिकायत करेगा। जानबूझकर शुल्क बढ़ाकर अमेरिका डब्ल्यूटीओ के नियमों का उल्लंघन कर रहा है। इसके साथ ही उसने कहा कि वह भी जवाबी कदम उठाएगा। जुलाई में दोनों के बीच ट्रेड वार उस समय शुरू हो गया जब दोनों ने एक-दूसरे के 34-34 अरब डॉलर के उत्पादों पर 25 फीसद शुल्क लगा दिया। चीन की सूची में कार, मोटरसाइकिल समेत अमेरिका के 333 उत्पाद शामिल हैं। उसने कहा कि गुरुवार को 25 फीसद शुल्क लगाने के साथ पहले चरण में चीन की 50 अरब डॉलर की वस्तुओं पर शुल्क लगाने की ट्रंप का फैसला पूरी तरह लागू हो गया है।

No comments:

Post a Comment

Pages