जरा सा गुस्सा आपके 72 घंटे बिगाड़ देता है, वो भी ऐसे - .

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Thursday, 2 August 2018

जरा सा गुस्सा आपके 72 घंटे बिगाड़ देता है, वो भी ऐसे

जरा सा गुस्सा आपके 72 घंटे बिगाड़ देता है, वो भी ऐसे

यदि कोई व्यक्ति बार-बार गुस्सा करता है, दूसरों पर ताने कसता है, बात-बात पर चिढ़ता है या ऊंची आवाज में बात करता है तो उसके शरीर में एड्रिनेलिन और कार्टिसोल जैसे हार्मोन्स की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे मस्तिष्क की कोशिकाओं (न्यूरोन्स) को गंभीर क्षति पहुंचती है। इससे व्यक्ति का मेमोरी पॉवर, कॉन्संट्रेशन पॉवर और डिसीजन पॉवर कम हो जाता है। वो किसी मामले में सहजता से निर्णय लेने के बजाय कन्फ्यूज होने लगता है। इस कमी के चलते वो अपने भविष्य की ठीक से प्लानिंग भी नहीं कर पाता है, इसलिए अगर कोई किशोर या युवा अपने भविष्य को बेहतर बनाना चाहता है तो वो गुस्सा करने की आदत तुरंत छोड़ दे।

ये बात 'माइंड एकेडमी' द्वारा एंगर मैनेजमेंट पर आयोजित निःशुल्क कार्यशाला के दौरान मोटिवेशनल स्पीकर व माइंड ट्रेनर डॉ.एमएस होरा ने कही। उन्होंने बताया कि गुस्से की वजह से हैप्पीनेस केमिकल सिरोटॉनीन की कमी होने से व्यक्ति डिप्रेशन की स्थिति में पहुंच जाता है। जिससे उसके जीवन में उन्नति का सहज क्रम बाधित हो जाता है। उसकी प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
इस हालत में कई लोग आत्महत्या करने की भी सोचने लगते हैं। मतलब सीधा है कि गुस्सा जिस व्यक्ति पर किया जाता है, उसके मुकाबले वो उस व्यक्ति को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है जो गुस्सा कर रहा है। एक बार गुस्सा करने का प्रभाव आपके मनोमस्तिष्क पर करीब तीन दिन अर्थात 72 घंटों तक बना रहता है, इसलिए जहां तक हो सके, क्रोध को काबू में रखें।
गुस्सा आने पर खुद को ज्यादा से ज्यादा वक्त दें :- बार-बार गुस्सा करने वाले शख्स को असमय ही हाई ब्लडप्रेशर, हृदय रोग, डायबिटीज जैसी कई बीमारियां घेर लेती हैं। ये बीमारियां आगे चलकर कई अन्य गंभीर समस्याओं की वजह बन जाती हैं। इसलिए किसी बात या समस्या पर गुस्सा करने के बजाय उसका सर्वमान्य समाधान निकालने की कोशिश करें। नियमित रूप से ध्यान और योग करें। फिर भी कभी गुस्सा आ जाए तो प्रतिक्रिया करने से पहले खुद को ज्यादा से ज्यादा वक्त दें। मन ही मन 1 से 20 तक गिनती गिने और कम से कम दो गिलास ठंडा पानी पीने के बाद ही रिएक्ट करें। दैनिक जीवन में जिन बातों पर बार-बार गुस्सा आता है, उसकी लिस्ट बनाएं और धीरे-धीरे उन बातों को इग्नोर करने की प्रैक्टिस करें।

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