नसें काटीं, एनेस्थिसिया लिया, खिड़की से कूदा, फिर हुआ ये हाल - .

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Monday, 30 July 2018

नसें काटीं, एनेस्थिसिया लिया, खिड़की से कूदा, फिर हुआ ये हाल

नसें काटीं, एनेस्थिसिया लिया, खिड़की से कूदा, फिर हुआ ये हाल

नौलखा क्षेत्र की एक होटल की तीसरी मंजिल स्थित कमरे में एक डॉक्टर ने पहले अपने हाथ-पैर की नस काटी, फिर एनिस्थीसिया का इंजेक्शन लगा लिया। इसका भी असर नहीं हुआ तो खिड़की से बाहर कूद गया। छलांग लंबी नहीं होने से वह गैलरी में जाकर गिरा। इससे उसका एक पैर टूट गया। अस्पताल में भर्ती डॉक्टर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह निजी कारणों से जान देने जा रहा था, जबकि पुलिस ने प्रेम प्रसंग की आशंका जताई है। भंवरकुआं थाना टीआई संजय शुक्ला के मुताबिक डॉ. नमित पंवार (27) निवासी सनावद को रविवार सुबह होटल प्रशांत की तीसरी मंजिल की गैलरी से घायल हालत में उठाकर पुलिसकर्मियों ने एमवाय अस्पताल पहुंचाया। एएसआई रजनीकांत अवस्थी बयान लेने पहुंचे, लेकिन नमित ने बात करने से मना कर दिया। उसकी हालत में सुधार के बाद उसे तुकोगंज स्थित ग्लोबल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।
दोपहर करीब 2.30 बजे उससे पूछताछ की गई। होटल की बिल्डिंग से कूदने से पहले करीब पांच घंटे वह खुदकुशी का प्रयास करता रहा। शनिवार रात 12 बजे उसने पहले हाथ-पैर की नस काटी। फिर बाथरूम में जाकर एनिस्थीसिया का इंजेक्शन लगा लिया। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ तो सुबह 5 बजे उसने होटल के कमरे की खिड़की से छलांग लगा दी।
सुबह 7 बजे होश आया तो खुद को गैलरी में पड़ा पाया। वह मदद के लिए आवाज लगाने लगा। वेटर घनश्याम ने उसे देख प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी। उसने बताया कि कूदने से पहले उसने मोबाइल पर वीडियो बनाया। कमरे से मिले सुसाइड नोट में उसने माता-पिता को उक्त वीडियो देखने के लिए लिखा था। टीआई के मुताबिक निमित के पिता इंदरसिंह सनावद के डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर हैं। छोटा भाई निखित निजी कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। बहन नम्रता सागर से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। एक चाचा एमएस पंवार पीडब्ल्यूडी में है। वे सिलिकॉन सिटी में रहते हैं। दूसरे चाचा त्रिलोकचंद जावद में एसडीओपी हैं।
होटल का कमरा देख भाई घबराया :- निमित होटल के कमरा नंबर 301 में रुका हुआ था। निखित और उसके चाचा एमएस पवार के साथ पुलिस जांच करने पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे तोड़ा गया। खिड़की और बाथरूम में खून फैला हुआ था। इसका दरवाजा खुला था। बिस्तर पर बैग, एक मोबाइल और कपड़े फैले थे। टेबल पर सुसाइड नोट था। बाथरूम में भी एक मोबाइल पड़ा मिला। यह सब देखकर निखित घबराकर कमरे से बाहर आ गया। टीआई के मुताबिक कमरे से एक सर्जिकल ब्लेड, कैंची और एनिस्थीसिया का इंजेक्शन जब्त हुआ है। पर्स से एटीएम कार्ड, पहचान पत्र सहित अन्य दस्तावेज मिले।
सर्विस सेंटर पर छोड़ा था भाई ने :- निखित ने बताया कि शनिवार शाम भाई (निमित) को एमवायएच से बाइक पर बैठाकर विजय नगर स्थित कार के सर्विस सेंटर पर छोड़ा था। इसके बाद वह गीता भवन स्थित कमरे में चला गया था। इसके बाद भाई से संपर्क नहीं हुआ। निमित कार लेकर घूमता रहा और रात 9.30 बजे होटल पहुंचकर कमरा लिया। होटल प्रबंधन के मुताबिक रात को निमित के कमरे में वेटर ने खाना पहुंचाया था। इसके बाद उसके कमरे में कोई नहीं गया।
15 दिन पहले आया था इंदौर :- निखित ने बताया कि भाई 15 दिन पहले इंदौर आया था। इससे पहले वह ग्वालियर में था। भोपाल से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह ग्वालियर ऑर्थोपैडिक से एमडी करने के लिए ग्वालियर चला गया था। 15 दिन पहले ही उसका रिजल्ट आया था। किसी दोस्त ने मजाक में उसे परिणाम की सूची में नाम नहीं होने की बात बताई थी। बाद में पास होने की खुशी में वह दोस्तों से मिलने चला गया था। वहां से लौटकर वह दोस्तों के साथ एमजीएम मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में रुका था।
परिवार बना रहा था शादी का दबाव :- पुलिस के मुताबिक निमित के माता-पिता उस पर दो साल से शादी का दबाव बना रहे थे, लेकिन वह शादी नहीं करना चाहता था। पिता ने बताया कि ग्वालियर से लौटने के बाद निमित से शादी को लेकर चर्चा हुई थी। लेकिन उसनें मना कर दिया था। पुिलस के मुताबिक डॉक्टर की हालत में सुधार है। उसके दोबारा बयान होंगे।
वीडियो में बताया पांच माह से है परेशान :- आत्महत्या के पहले बनाए गए वीडियो में निमित ने पांच माह से परेशान होने की बात कही है। छोटे-भाई बहन और माता-पिता के लिए कुछ नहीं कर पाने का जिक्र किया है। उसने यह भी कहा है कि पांच माह में मैं सिगरेट व शराब का आदि हो गया हूं। भाई के मुताबिक पूरे परिवार को एक मोबाइल नंबर की जानकारी थी, जबकि निमित दो मोबाइल रखता था।

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