मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह की तिथि पर सवाल, पंडितों ने कहा मुहूर्त नहीं - .

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Tuesday, 17 July 2018

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह की तिथि पर सवाल, पंडितों ने कहा मुहूर्त नहीं

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह की तिथि पर सवाल, पंडितों ने कहा मुहूर्त नहीं

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से हर साल जनवरी से मार्च के बीच सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाता था, लेकिन इस बार प्रशासनिक लापरवाही की वजह से निर्धारित अवधि में यह आयोजन नहीं हो सका। चार दिन बाद यानि 20 जुलाई को 168 जोड़ों के विवाह की तिथि तय की गई है। अब इस तिथि पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। पंडितों का कहना है कि यह तिथि ऐसे तो गृह प्रवेश एवं अन्य कार्य के लिए शुभ है, लेकिन मांगलिक कार्य नहीं हो सकता। ऐसे में कई परिवार अब विवाह में शामिल होने से कतरा रहे।
समय पर विवाह नहीं कराने से वे जोड़े जिन्होंने योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराया था वे कर्ज लेकर विवाह करा चुके हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग को सामूहिक विवाह की अब सुध आई है। 168 जोड़ 20 जुलाई को सीएसईबी जूनियर क्लब में फेरे लेंगे। विभागीय अधिकारी 200 जोड़ों के विवाह संपन्न कराने के लिए अतिरिक्त राशि आवंटन के इंतजार में थे। सात माह पहले इसके लिए 25.60 लाख की स्वीकृति मिल गई थी। पर्याप्त समय रहने के बाद भी विवाह का आयोजन नहीं किया गया।
सामूहिक विवाह में पंजीयन कराने वालों को रामनवमी, अक्षय तृतीया अथवा अन्य लग्नों में आस रहती है। मुहूर्त में शादी नहीं करने से लोगों को खासी निराशा का सामना करना पड़ा है। बेटियों की शादी के लिए योजना को शुरू की गई है। समय पर विवाह नहीं होने की वजह से पंजीकृत जोड़ो को कर्ज लेकर विवाह करना पड़ा है। अपᆬसर की अनेदखी की वजह से शासन की योजनाओं की साख गिरी है। माना यह भी जा रहा है जिन जोड़ों ने विवाह के लिए पंजीयन कराया था, उनमें से अधिकांश ने विवाह कर लिया है। राशि स्वीकृति के 6 माह बाद शादी होना से शासन की योजनाओं की साख गिरी है। साथ ही यह भी उजागर हो गया है कि प्रशासन योजनाओं को जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन कराने में कितना सजग है। विवाह आयोजन के लिए तिथि 20 जुलाई तय कर दी गई है। इस दौरान बारिश हुई तो अव्यवस्था की स्थिति निर्मित होने की संभावना है। बारिश में असुविधा बचने के लिए हर बार ग्रीष्म में ही विवाह का आयोजन कर दिया जाता था। पहली बार लग्न बीत जाने के बाद विवाह का आयोजन कराया जा रहा है।
संचालनालय से जारी हुई है नोटिस :- समय पर विवाह नहीं कराने पर संचालनालय से विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी हो चुका है। आदिवासी जिला होने के लिहाजा से सामूहिक विवाह योजनाओं में अधिक से अधिक हितग्राहियों को जोड़ने का प्रावधान है। राशि जारी होने के माह भर बाद पालन प्रतिवेदन भेजना होता है। अधिकारी ने परियोजनाओं के खाते में राशि को डालकर आयोजन को रोक दिया था, जिससे हितग्राहियों को योजना लाभ से वंचित होना पड़ा है।
दीगर योजनाओं की दशा दयनीय :-  सामूहिक विवाह योजना के लिए राशि आवंटन के बाद की गई लेट लतीलतीफी से विभाग की अन्य योजनाओं के संचालन में तत्परता का अनुमान लगाया जा सकता है। गर्म भोजन, पोषण आहार, किशोरी बालिका संरक्षण से लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों में आवंटित की जाने वाली सामाग्री व खाद्यान्न में जमकर बंदरबाट हो रहा है। विभागीय अधिकारी का हस्तक्षेप नहीं होने की वजह से योजनाओ का प्रत्यक्ष लाभ हितग्राहियों को नहीं 

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