राहुल ने पीएम को संसद में गले लगाया तो मध्यप्रदेश के नेताओं ने दी ऐसी रिएक्शन्स - .

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Saturday, 21 July 2018

राहुल ने पीएम को संसद में गले लगाया तो मध्यप्रदेश के नेताओं ने दी ऐसी रिएक्शन्स

राहुल ने पीएम को संसद में गले लगाया तो मध्यप्रदेश के नेताओं ने दी ऐसी रिएक्शन्स

संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सभी को हैरत में डाल दिया। राहुल ने भाजपा पर तीखे हमले करने बाद भाषण के आखिर में पीएम नरेंद्र मोदी को गले लगा लिया। नरेंद्र मोदी भी उस वक्त हैरान रह गए। फिर दोनों ने आपस में कुछ कहा और हाथ मिलाया। इसके बाद राहुल गांधी के अपनी सीट पर बैठकर आंख मारने का वीडियो भी सामने आया।
इस पूरी घटना के बाद सोशल मीडिया पर खूब हल्ला मचा हुआ है। लोगों ने अपने-अपने अंदाज में इसकी चुटकियां लीं और फोटो शेयर की। राजधानी में भी भाजपा और कांग्रेस के पदाधिकारियों ने इस संबंध में अपनी-अपनी बात रखी है। कांग्रेस के पदाधिकारियों ने इसका समर्थन किया तो भाजपा ने विरोध। कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना है कि इस पूरी घटना से सिर्फ यह निष्कर्ष निकलता है कि कांग्रेस पार्टी किसी से कोई नफरत नहीं रखती। वहीं भाजपा के पदाधिकारियों का कहना है कि राहुल गांधी ने फिर से अपने आप को अपरिपक्व साबित कर दिया। और तो और उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ इसलिए उन्होंने पीएम को गले लगाया।
व्यक्तिगत मतभेद नहीं  :- कांग्रेस नेता और पूर्व महापौर विभा पटेल के मुताबिक, राहुल ने जो किया सही किया, क्योकि उन्होंने अपने भाषण के अंत में कहा कि मेरे दिल में पीएम के खिलाफ गुस्सा या नफरत नहीं है। इसका सीधा सा मतलब यह है कि कांग्रेस पार्टी किसी व्यक्ति विशेष से विरोध नहीं रखती है। वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन व्यक्तिगत रूप से कोई मतभेद नहीं है। यह संदेश उन्होंने ऐसा करके दिया है।
गलती का अहसास  :- वहीं भाजपा के महापौर आलोक शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री पर राहुल गांधी ने आरोप तो लगा दिए लेकिन जब उन्हें लगा कि उनके आरोप निराधार हैं तो उनको अपनी गलती का अहसास हुआ। राहुल गांधी व उनकी मां खुद जमानत पर हैं। उन्हें चिंता है कि वे कहीं अंदर न हो जाएं और उनका चरित्र जनता के सामने न आ जाए। इसलिए वे मोदी से गले मिले।
पीएम को उठकर मिलना था गले :- प्रदेश कांग्रेस पार्टी में मीडिया सेल के अध्यक्ष मानक अग्रवाल के मुताबिक, राहुल गांधी ने सौजन्य भेंट करने के लिए पीएम के पास गए और उनसे गले मिले। इसके लिए पीएम को भी अपनी सीट पर उठकर उनसे गले मिलना था। राहुल गांधी देश के बारे में सोचते हैं इसलिए उन्होंने गंभीर मुद्दे उठाए और भाषण के अंत में कहा कि उनके मन में किसी के प्रति विरोध या नफरत नहीं है। लोकसभा स्पीकर तो भाजपा के कहने पर चलती है इसलिए उन्होंने विरोध दर्ज कराया।
दुश्मन भी घर आए तो सम्मान  :- मप्र कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल कहते हैं, राहुल गांधी जी पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने सदन के जो किया वह यह प्रतीत करता है कि वैचारिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन उनके मन में कोई नफरत की भावना नहीं है। उन्होंने साबित किया है कि वे देश के बारे में अच्छा सोचते हैं और पढ़े लिखे वेल एजुकेट हैं। इसलिए उन्होंने ऐसा किया। हिंदू संस्कृति में दुश्मन भी है और वह आपके घर आता है तो उसका सम्मान किया जाता है। प्रधानमंत्री को भी उठकर उनसे गले मिलना चाहिए था।
फिर से अपरिपक्व कर दिया साबित :- भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ सिंह कहते हैं, अगर उनके मन में इज्जत करने की कोई भावना होती तो वह अलग ही झलकता। लेकिन उन्होंने जो हरकत की है वह उन्हें और हंसी का पात्र बना रही है। आज उन्होंने साबित कर दिया कि वे सही में अपरिपक्व हैं। हालांकि यह सब उन्होंने जो अपने सलाहकार के कहने पर किया होगा, सदन में आंख मारना भी प्रोटोकॉल के खिलाफ है।
यह सब आम बात है :- विधानसभा में पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदास इसरानी का मानना है कि सदन में सोहार्द्रपूर्ण वातावरण रहता है। इतने जल्दी हम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकते। कोई भी कैसे भी बैठ सकता है और गले मिल सकता है। इसमें कुछ गलत नहीं है। सदन में ऐसे कोई नियम नहीं होते हैं। लोकसभा स्पीकर ने किस संदर्भ में ऐसा कहा है मुझे यह नहीं पता। संदर्भ पता होने पर ही टिप्पणी कर सकूंगा।

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