भोपाल से नहीं चलीं मुंबई-पुणे और नासिक की बसें : ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल - .

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Thursday, 26 July 2018

भोपाल से नहीं चलीं मुंबई-पुणे और नासिक की बसें : ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल

ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल : भोपाल से नहीं चलीं मुंबई-पुणे और नासिक की बसें

राजधानी समेत प्रदेश भर में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल सातवें दिन गुरुवार को भी जारी रही। तीन लाख छोटे-बड़े ट्रक व लोडिंग वाहन प्रदेश से निकलने वाले अलग-अलग हाईवे पर खड़े रहे। वहीं महराष्ट्र में ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल ने उग्र रूप ले लिया। उन्होंने ट्रकों में लदी सब्जी, दूध अन्य सामान को सड़कों पर फेंक दिया। साथ ही कई वाहनों में आग लगा दी। इसके चलते भोपाल के निजी बस ट्रैवल्स संचालकों ने मुंबई, पुणे, नासिक जाने वाली बसों का संचालन बंद कर दिया। वर्मा, हंस सहित अन्य ट्रैवल्स की ओर से अंतरराज्जीय मार्गों पर संचालित दो दर्जन से ज्यादा बसें आईएसबीटी पर खड़ी रहीं।

ट्रैवल्स की ओर से यात्रियों की बुकिंग नहीं की गई। इससे इन शहरों में आने-जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग आईएसबीटी पर खड़े रहे। हालांकि इंदौर, सागर, छिंदवाड़ा, बैतूल, जबलपुर, ग्वालियर, शिवपुरी सहित भोपाल से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाने वाली बीसीएलएल व निजी बसों का संचालन जारी रहा। भोपाल ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शर्मा और भोपाल ट्रांसपोर्टर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष जितेंद्रपाल गिल ने बताया कि केंद्र सरकार हमारी मांगें नहीं मान रही है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के पदाधिकारियों की सरकार से वार्ता विफल रही। अब शुक्रवार को फिर बैठक करने के लिए देशभर से ट्रांसपोर्टरों को बुलाया है। जिसमें मप्र के 5 ट्रांसपोर्टर जाएंगे। जब तक शासन हमारी मांगें नहीं मान लेता तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
ज्ञात हो कि डीजल के दाम घटाने, टोल नाकों पर अवैध वसूली रोकने, थर्ड पार्टी बीमा के रेट कम करने, ई-वे-बिल की विसंगति दूर करने सहित अन्य मांगों को लेकर ट्रांसपोर्टर 20 जुलाई से हड़ताल कर रहे हैं। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के नेतृत्व में यह हड़ताल की जा रही है। इधर केंद्र सरकार ने हड़ताल समाप्त करने को लेकर सिर्फ एक कमेटी बनाकर ट्रांसपोर्टरों की मांगें मानने की बात कही है, जबकि ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से लिखित में ठोस आश्वासन मिलने के बाद ही हड़ताल खत्म करेंगे।
ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से सब्जी, फल, किराना, कपड़ा समेत अन्य जरूरी सामग्रियों का आयात-निर्यात नहीं हो पा रहा है। व्यापारियों के पास एक सप्ताह का स्टॉक उपलब्ध था। इसलिए अब तक हड़ताल का असर नहीं दिखा है लेकिन हड़ताल खत्म नहीं हुई तो दो-तीन में असर दिखना शुरू हो जाएगा। खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।

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