पति से विवाद के बाद बच्चों को लेकर चलती ट्रेन से कूद रही थी पत्नी, महिला ने बचाया - .

Breaking

Monday, 16 July 2018

पति से विवाद के बाद बच्चों को लेकर चलती ट्रेन से कूद रही थी पत्नी, महिला ने बचाया

पति से विवाद के बाद बच्चों को लेकर चलती ट्रेन से कूद रही थी पत्नी, महिला ने बचाया

मोहन नगर में पति ने पत्नी को पीट दिया तो नाराज पत्नी ट्रेन में सवार हुई और चलती गाड़ी से दो बच्चों को लेकर कूदने की तैयारी करने लगी। इस दौरान इंदौर निवासी एक महिला की नजर उस पर पड़ गई। उसने उसे बचाया और और बच्चों सहित अपने घर ले गई।
बाद में इंदौर के एमजी रोड थाने में जीरो पर कायमी कर प्रकरण उज्जैन भिजवाया गया। महिला का पति फरार है। फिलहाल महिला को वन स्टॉप सेंटर पर रखा गया है। चिमनगंज थाना एसआई लिलियन मालवीय ने बताया कि मोहन नगर निवासी नेहा पति सूरज वेदी का विवाह तीन वर्ष पूर्व हुआ था। पति सूरज ऑटो चालक है और शराब पीने का आदी है। दहेज व चरित्र शंका को लेकर वह रोजाना नेहा से मारपीट करता था। रविवार को भी सूरज ने मारपीट की थी। इससे तंग आकर नेहा दो बच्चों को लेकर इंदौर जाने वाली ट्रेन में सवार हो गई।
चलती ट्रेन से वह दो बच्चों को लेकर आत्महत्या करने के इरादे से कूद ही रही थी कि साथी महिला यात्री रेहाना खान निवासी नयापुरा ने उसे बचा लिया। रेहाना ने नेहा को समझाइश दी तथा उसने अपने साथ घर ले गई। यहां भाई अनवर खान को पूरा घटनाक्रम सुनाया। इस पर दोनों भाई-बहन नेहा को लेकर एमजी रोड थाने पहंुचे। टीआई राजेंद्र चतुर्वेदी ने मामला समझने के बाद नेहा के पति सूरज के खिलाफ जीरो पर केस दर्ज कर लिया। 
रात में ही रवाना हो गई पुलिस :- टीआई चतुर्वेदी ने मामले की जानकारी एएसपी अभिजीत रंजन को दी। इस पर चिमनगंज थाने के एसआई रोहित पटेल व लिलियन मालवीय को रात को 12.30 बजे इंदौर भेजा गया। रात 3 बजे पुलिस नेहा व उसके बच्चों को लेकर उज्जैन पहुंची और रातभर उसे महिला थाने पर रखा गया। सोमवार सुबह उसे माधवनगर अस्पताल में बने वन स्टॉप सेंटर पर भेज दिया गया। पुलिस आरोपित पति सूरज की तलाश में जुटी है। 
मां भी नहीं रखना चाहती इसलिए कूद रही थी :- नेहा ने पुलिस को बताया कि उसके मायके में केवल मां ही है। पिता की काफी सालों पूर्व मौत हो गई है। भाई और बहन नहीं हैं। मां ने शादी के बाद उसकी खबर तक नहीं ली। कई बार उसने सूरज के बारे में उसे बताया तो वह उससे कहती थी कि बेटा तुझे अब मरने तक पति के साथ ही रहना है। इस कारण वह मां के घर भी नहीं जाना चाहती थी। सहारा नहीं होने के कारण वह बच्चों को लेकर चलती ट्रेन से कूदकर आत्महत्या करना चाहती थी।

No comments:

Post a Comment

Pages