सिलेंडरों में 4 किलो तक गैस कम, वजन नहीं होने से उपभोक्ता अनजान - .

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Sunday, 29 July 2018

सिलेंडरों में 4 किलो तक गैस कम, वजन नहीं होने से उपभोक्ता अनजान

सिलेंडरों में 4 किलो तक गैस कम, वजन नहीं होने से उपभोक्ता अनजान

आपके घर पहुंचने वाले गैस सिलेंडरों में दो से चार किलो तक कम गैस दी जा रही है, लेकिन उपभोक्ता इससे अनजान रहते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है होम डिलीवरी के दौरान सिलेंडर का वजन न किया जाना। नवदुनिया ने पड़ताल की तो पाया कि कुछ गैस एजेंसियों में गैस सिलेंडरों से दो से चार किलो तक गैस निकाल ली जाती है। इसके बाद इसी गैस से एक नया सिलेंडर तैयार कर ब्लैक में 800 से 900 रुपए में बेच दिया जाता है। इस बात का खुलासा हाल ही में कोलार में इंडेन गैस एजेंसी की शिकायत आने पर जांच में हुआ। जांच में पाया गया कि इस एजेंसी ने प्रत्येक सिलेंडर में से 4-4 किलो गैस निकाली थी। इसके बाद कम वजन का सिलेंडर पूरे कोलार सहित शहर के अन्य इलाकों में सप्लाई किए जाते थे। जिला खाद्य अधिकारी सहित नापतौल विभाग ने भी इसकी पुष्टि की है। फिलहाल ये मामला कलेक्टर कोर्ट में चल रहा है, जिसके बाद एजेंसी पर एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
होम डिलीवरी के वक्त तौल की मशीनें गायब :- गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी करने वाले अपने पास वजन की मशीन नहीं रखते। जब ग्राहक सिलेंडर का वजन करने की बात करते हैं तो कर्मचारी यह कहकर टाल देते हैं कि हमारे पास अभी मशीन नहीं है। यह भी कहते हैं कि कल तुलवा लेना या फिर गैस कम निकले तो एजेंसी आ जाना हम वहीं मिल जाएंगे। अशोकागार्डन निवासी एएस यादव ने बताया कि उन्होंने होम डिलीवरी के दौरान सलेंडर का वजन करने के लिए कहा तो कर्मचारी ने उन्हें यह कहकर टाल दिया कि गाड़ी बहुत दूर खड़ी है और उसके पास वजन करने वाली मशीन नहीं है। इन पर है जांच का जिम्मा: पहला एजेंसी खुद देखती है कि उसके द्वारा कर्मचारियों को वजन मशीन मुहैया कराई गई है तो हॉकर उसका उपयोग करते हैं या नहीं। दूसरा एलपीजी कंपनी की टीम को भी समय-समय पर जांच करनी चाहिए। तीसरा जिला खाद्य अधिकारी और नापतौल विभाग को भी जांच करे।
रद्द हो सकता है लाइसेंस :- पेट्रोलियम मंत्रालय का सख्त निर्देश हैं कि गैस एजेंसी संचालक होम डिलीवरी सप्लायर को वजन मशीन मुहैया कराएं। वह भी नापतौल विभाग द्वारा पंजीयन की हुई। ऐसा इसलिए कि अगर उपभोक्त को संदेह होता है कि सिलेंडर में कम गैस है तो वह कर्मचारी से वजन करने की मांग कर सकता है। यह सुविधा उपलब्ध नहीं कराने पर और शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई का प्रावधान भी है। इसके तहत एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने और जुर्माना लगाया जा सकता है।
यहां करें गड़बड़ी की शिकायत :- अगर आपको गैस सिलेंडर में किसी भी तरह का शंका है तो सबसे पहले एजेंसी से संपर्क करें। कार्रवाई न हो तो नापतौल और जिला खाद्य अधिकारी के यहां शिकायत करें। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यहां भी कोई कार्रवाई नहीं होती है तो पेट्रोलियम मंत्रालय से संपर्क कर सकते हैं।
सिलेंडर की डिलीवरी के समय रखें ध्यान :- अगर सिलेंडर की डिलीवरी करने वाला सुबह 10 बजे से पहले डिलीवरी लेकर आता है तो आपको शक करना चाहिए। जब एजेंसी खुली ही नहीं तो वह सिलेंडर कैसे ले आया। इसका मतलब है कि एक दिन पहले रात को ही पर्ची काटी दी गई और सुबह डिलीवरी कर दी गई। ऐसी स्थिति में आप अपनी एजेंसी में शिकायत कर सकते हैं।
शिकायत करें उपभोक्ता :- प्रत्येक एजेंसी द्वारा हॉकरों को वजन मशीन उपलब्ध कराई गई है। ऑयल कंपनियों ने इसके लिए सख्ती कर रखी है। गड़बड़ी लगती है तो उपभोक्ता एजेंसी पर शिकायत कर सकते हैं। आरके गुप्ता, अध्यक्ष, गैस डीलर्स एसोसिएशन

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