मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए NGO व डॉक्टर को मिलेंगे 2000 रुपए - .

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Tuesday, 19 June 2018

मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए NGO व डॉक्टर को मिलेंगे 2000 रुपए

मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए NGO व डॉक्टर को मिलेंगे 2000 रुपए

मोतियाबिंद की एक सर्जरी करने पर अब तक एनजीओ और डॉक्टर्स को सिर्फ एक हजार रुपये ही मिलते थे, लेकिन अब इसमें बड़ा संशोधन किया गया है। केंद्र सरकार ने इस राशि को दोगुना कर दिया है, ताकि इलाज की गुणवत्ता पहले से बेहतर हो, प्रोत्साहन मिले। केंद्र सरकार के यह नए प्रावधान राज्य में लागू कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य संचालनालय से सभी जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को यह सर्कुलर जारी कर दिया गया है, क्योंकि अंतः राशि सीएमएचओ को ही स्वीकृत करनी है।
उधर नेत्रदान को बढ़ावा देने के लिए आई बैंक की संख्या बढ़े, इसके लिए आई बैंक खोलने के लिए 40 लाख का प्रावधान किया गया है, जो अब तक 25 लाख रुपये था। वहीं नेत्रदान कलेक्शन सेंटर (संग्रहण केंद्र) खोलने के लिए अब एक लाख रुपये मिलेगा। इससे छत्तीसगढ़ में नेत्रदान दान की संख्या में और इजाफा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। नेत्ररोग के इलाज,उपचार से संबंधित ऐसे एक नहीं, बल्कि 14 प्रावधानों में बदलाव किए गए हैं। राशि कई गुना बढ़ा दी गई है। स्कूली छात्रों के नेत्र परीक्षण एवं चश्मा वितरण के लिए पहले 275 रुपये दिए जाते थे, जो अब 350 रुपये, वृद्ध मरीजों की आंख जांच के लिए 100 की जगह 350 रुपये दिए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा मोतियाबिंद सर्जरी होती हैं, हालांकि अधिकांश परिवारों के पास स्मार्ट कार्ड हो गए हैं।
ये हैं नए प्रावधान
1- मोतियाबिंद ऑपरेसन के लिए एनजीओ एवं निजी चिकित्सकों को दो हजार रुपये अनुदान मिलेगा। जो पूर्व में एक हजार रुपये था।
2- यदि एनजीओ एवं निजी चिकित्सकों द्वारा सरकारी ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का इस्तेमाल किया जाता है तो सामान्य क्षेत्र के लिए 1200 रुपये, दुरस्त क्षेत्रों के लिए दो हजार रुपये भुगतान होंगे।
3- जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा पहचान किए गए मितानिन, आशा, आइसीडीएस कार्यकर्ता, महिला समुह/मंडल, पंचायत और स्वैच्छिक संगठन द्वारा मोतियाबिंद के मरीजों को ऑपरेशन के लिए प्रोत्साहित कर शासकीय सुविधा में परिवहन, कर ऑपरेशन के लिए भेजा जाता है तो उन्हें 350 रुपये प्रति केस राशि मिलेगी। एनजीओ अस्पताल में भेजे जाने पर यह राशि दो हजार रुपये होगी।
4- शासकीय अस्पतालों में मोतियाबिंद ऑपरेशन करने के लिए हजार रुपये अनुदान मिलेगा।
एनजीओ, निजी अस्पतालों को अन्य नेत्ररोगों के उपचार के लिए
बीमारी- पूर्व- वर्तमान
डायबेटिक रेटिनोपैथी- 1500 रु. 2000 रु.
चाईल्डहुड ब्लाइंडनेश- 1500 रु. 2000 रु.
ग्लाकोमा- 1500 रु. 2000 रु.
किरेटोप्लास्टी 5000 रु. 7500 रु.
विट्रियोरेटिन सर्जरी- 5000 रु. 10000 रु.
प्रोत्साहन मिलेगा :- दरें बढ़ने से निश्चित है कि नेत्ररोग के क्षेत्र में काम करने वाले एनजीओ का प्रोत्साहन मिलेगा। इसमें 14 प्रावधान हैं, जिन्हें लेकर संचालनालय से सभी सीएमचओ को सर्कुलर जारी कर दिया गया है। लागू हो चुके हैं।

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