बुधराम के हत्यारे सहित तीन नक्सली सदस्य गिरफ्तार - .

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Wednesday, 20 June 2018

बुधराम के हत्यारे सहित तीन नक्सली सदस्य गिरफ्तार

बुधराम के हत्यारे सहित तीन नक्सली सदस्य गिरफ्तार

एक पखवाड़ा पहले कुआकोंडा थाना क्षेत्र के ग्राम बुदरीकरका के बुधराम की हत्या सहित ग्रामीणों की पिटाई में शामिल दो नक्सली सोमवार को पुलिस के हत्थे चढ़े। इसके अलावा एक और नक्सली भी गिरफ्तार हुआ है। जो दो साल पहले जियाकोरता-कुन्ना मुठभेड़ में शामिल था। गुनाह कबूल करने के बाद पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया। जहां से रिमांड पर उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक मुखबीर की सूचना कुआकोंडा थाना पुलिस और सीआरपीएफ की टीम ने ग्राम कांडकीपारा में घेराबंदी कर तीन जनमिलीशिया सदस्यों को गिरफ्तार किया। जिन्हें सोमवार को न्यायालय में पेश कर जेल भिजवा दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मुखबिर ने सूचना थी कि ग्राम कांडकीपारा में नक्सली पहुंचे हैं। सूचना के आधार पर बीती रात कुआकोंंडा थाना और सीआरपीएफ कैंप बड़ेगुडरा की टीम अलग- अलग इलाके से गांव की घेराबंदी करने निकली थी। सोमवार की सुबह कुछ नक्सली चकमा देकर भागने में सफल रहे लेकिन तीन उनके हत्थे चढ़ गए। इनकी पहचान जनमिलीशिया सदस्य पोज्जा पिता हिड़मा सोढ़ी (24), बामन पिता देवा मुचाकी (38) कांडकीपारा और बड़ेगुडरा कुंजामपारा के 37 वर्षीय हिरमा उर्फ कोर्रम पिता हुंगा उर्फ दुमझा सोढ़ी के रूप में हुई। पूछताछ में उन्होंने कई नक्सली वारदात और बैठक में शामिल होना बताया।
पकड़े गए बामन मुचाकी और हिरमा सोढ़ी ने बताया कि पखवाड़े भर पहले बुरदीकरका के बुधराम पोडियामी को घर से उठाकर जंगल ले जाने तथा 27 मई को उसकी हत्या में शामिल थे। इसी तरह 7 जून को कांडकीपारा बड़ेगुडरा के जरीपारा में मिक्सर मशीन जलाने की घटना में भी शामिल थे। उन्होंने स्वीकारा कि बुधराम की हत्या पुलिस में भर्ती होने के लिए आवेदन देने सहित पुलिस की नजदीकी के चलते किया। इस दौरान गांव के कुछ लोगों की पिटाई करने की बात भी कबूली।
गोली लगने से दो माह तक कराया देशी इलाज :- कांडकीपारा से गिरफ्तार एक नक्सली सदस्य पोज्जा 17 अगस्त 2016 को हुए मुठभेड़ में भी शामिल था। तब उसके बांए जांघ में गोली लगी थी। जिसका वह देशी उपचार जंगल और गांव में कराया। पोज्जा के मुताबिक गश्त पर निकली फोर्स के साथ नक्सलियों का मुठभेड़ जियाकोरता और कुन्ना के बीच जंगल में हुई थी। इस मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए थे। मुठभेड़ के दौरान उसके जांघ में फोर्स की गोली लगी। जिसे नक्सलियों ने निकाला और ग्राम कुन्ना पेदापारा में छन्नू ने देशी जड़ी- बूटी से दो माह तक उपचार किया। इसके बाद वह फिर नक्सलियों के साथ सक्रिय हो गया था।

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