सागर में बन रहा है मध्य भारत का पहला मौसम विज्ञान अनुसंधान केंद्र - .

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Tuesday, 19 June 2018

सागर में बन रहा है मध्य भारत का पहला मौसम विज्ञान अनुसंधान केंद्र

सागर में बन रहा है मध्य भारत का पहला मौसम विज्ञान अनुसंधान केंद्र

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भारत सरकार के अधीन भारतीय ऊष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान पुणे सागर में मध्य भारत का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक मौसम विज्ञान केंद्र (सब स्टेशन) स्थापित करने जा रहा है। डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय का आईआईटीएम पुणे से एमओयू हुआ है। सिरोंजा पहाड़ी पर इसके लिए विवि ने 5 एकड़ जमीन अलाट की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र तैयार करने के लिए सागर में कार्य भी प्रारंभ भी हो गया है। अगले चार से पांच महीनों में यह केंद्र मौसम की सूचनाएं और रिसर्च प्रारंभ कर देगा।
इंडियन इंस्टीट्यूट और ट्रॉपिकल मीटियोरोलॉजी पुणे, मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंस गवर्नमेंट ऑफ इंडिया ने सागर में मध्य भारत में अपना रिसर्च सेंटर तैयार करना प्रारंभ कर दिया है। मध्यप्रदेश सहित आसपास के प्रदेशों में मौसमी घटनाओं और मौसम से जुड़ी सटीक जानकारी व पूर्वानुमान पर शोध के लिहाज से सागर में अत्याधुनिक मौसम विज्ञान केंद्र बनाया जा रहा है। सागर में डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय से करीब एक साल पहले एमओयू हो चुका है। आईआईटीएम पुणे ने विवि के भूगर्भ शास्त्र विभाग के साथ मिलकर सब स्टेशन तैयार करने पर काम भी प्रारंभ कर दिया है। पुणे से इसके लिए केबिन व उपकरणों का आना भी प्रारंभ हो गया है। सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो अगले एक साल में केंद्र काम प्रारंभ कर देगा और मौसम की जानकारियां व सूचनाएं भी मिलने लगेंगी।
200 फीट ऊंचा टॉवर, ऑटोमैटिक उपकरण लेंगे  :- आईआईटीएम पुणे डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के अधीन आने वाली सिरोंजा क्षेत्र में मौसम विज्ञान केंद्र सब स्टेशन स्थापित कर रहा है। यहां 5 एकड़ जमीन पर भवन निर्माण व अन्य इकाईयां स्थापित होंगी। सब स्टेशन के साथ में करीब 200 फीट से अधिक ऊंचा टॉवर लगाया जाएगा। मध्य भारत क्षेत्र में यह अब तक का सबसे बड़ा केंद्र होगा।
मौसम की प्रत्येक गतिविधि रिकॉर्ड होगी : - आईआईटीएम के मौसम विज्ञान केंद्र का मूल्य उद्देश्य रिसर्च वर्क रहेगा। इसमें मौसम की पल-पल की सारी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाएगा। इनका विषलेषण किया जाएगा। कब, कहां बारिश होगी, गर्मी के सीजन में कब-कब टेम्परेचर सबसे ज्यादा रहेगा, कब तूफान आ सकता है, ठंड में तापमान कितना नीचे जा सकता है। इन सबका विस्तृत विश्लेषण शामिल होगा।
माइक्रो लेवल तक सटीक पूर्वानुमान मिलेगा : - आईआईटीएम के मौसम विज्ञान केंद्र से जुड़े विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के अनुसार यह केंद्र अत्याधुनिक और मौसम विज्ञान के मामले में मध्यप्रदेश में मौसम विज्ञान के मामले में सबसे बेहतर होगा। केंद्र से मध्यप्रदेश स्तर पर एक-एक गांव के नाम व लोकेशन सहित मौसम की जानकारी और पूर्वानुमान दिया जा सकेगा। यहां से पब्लिक के इंटरेस्ट की सूचनाओं को स्थानीय प्रशासन, विवि प्रशासन व जिला प्रशासन स्तर पर डे-बाय-डे साझा किया जा सकेगा।
मौसम की गतिविधियों का एनालिसिस व रिसर्च करेंगे :- केंद्र सरकार के अधीन आई आईआईटीएम सागर में मध्य भारत का सबसे बड़ा मौसम विज्ञान केंद्र सब स्टेशन तैयार कर रहा है। विवि से इसके लिए एमओयू किया गया था। केंद्र आगामी पांच महीनों में काम प्रारंभ कर देगा। विवि ने केवल जगह मुहैया कराई है। केंद्र से मौसम से जुड़ी सारी गतिविधियों का एनालिसिस किया जाएगा। मौसम की पब्लिक इंटरेस्ट की सूचनाओं व पूर्वानुमान को साझा भी किया जाएगा।

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