बच्चों का डाटा लीक करने पर कार्मल कॉन्वेंट स्कूल प्रबंधन को नोटिस - .

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Tuesday, 26 June 2018

बच्चों का डाटा लीक करने पर कार्मल कॉन्वेंट स्कूल प्रबंधन को नोटिस

बच्चों का डाटा लीक करने पर कार्मल कॉन्वेंट स्कूल प्रबंधन को नोटिस

10 नंबर मार्केट स्थित लकी स्कूल यूनिफार्म सेंटर पर छापामार कार्रवाई के बाद अब नया खुलासा हुआ है। स्कूल के प्रत्येक बच्चे का डाटा लकी यूनिफार्म सेंटर के पास मौजूद था। जबकि कोई भी स्कूल किसी भी एजेंसी या अन्य प्रायवेट फोरम को अपने स्कूल के बच्चों का डाटा नहीं देता सकता। इससे बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा साबित हो सकता है। इस गंभीर लापरवाही पर एडीएम दिशा नागवंशी ने सोमवार को कार्मल कॉन्वेंट स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जबाव मांगा है।
इधर, जिला शिक्षा अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं, जो मंगलवार तक रिपोर्ट एडीएम को सौंप सकते हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसमें स्कूल की मान्यता समाप्ति के लिए जिला प्रशासन सीबीएसई बोर्ड को लिख सकता है। वहीं मान्यता के लिए राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली एनओसी भी निरस्त की जा सकती है। बता दें बीते शनिवार को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य बृजेश चौहान व एडीएम दिशा नागवंशी के नेतृत्व में टीम ने 10 नंबर स्टॉप स्थित लकी स्कूल यूनिफार्म सेंटर पर छापा मारा था। टीम को यहां से कार्मल कॉन्वेंट स्कूल के छात्रों के नाम से बनी यूनिफार्म के पैकेट तथा बच्चों की सूची मिली थी, जिसमें उनका पूरा डाटा था। मौके पर यूनिफार्म की रेट लिस्ट भी नहीं पाई गई।
इन तीन बिंदुओं पर की गई है जांच :- पहलाः स्कूल प्रबंधन ने बच्चों का डाटा लकी यूनिफार्म सेंटर को लीक किया, जो नियम के खिलाफ है। दूसराः स्कूल द्वारा कोर्स और यूनिफार्म की जानकारी नोटिस बोर्ड पर चस्पा नहीं करना। तीसराः बच्चों और उनके अभिभावकों को एक ही सेंटर से किताब व यूनिफार्म खरीदने के लिए बाध्य करना।
यह हुआ खुलासा, डेस्क के पन्नों में लिखा था बच्चे का नाम, कक्षा और सेक्शन :- एडीएम दिशा नागवंशी ने बताया कि कक्षा-9वीं के बच्चों की 1000 से 1200 रुपए तक की यूनिफार्म 2050 रुपए में दी जा रही थी। दुकान पर स्कूल में चलने वाली शर्ट, बेल्ट, टाई भी रखे थे। दुकान में स्कूल में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के नाप की यूनिफार्म अलग-अलग रखी थी।
खुलेआम चल रहा कमीशन का खेल :- सीबीएसई और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार कलेक्टर एक ही दुकान से यूनिफार्म खरीदने का दबाव न बनान को लेकर कई बार धारा 144 लगा चुके हैं। कार्रवाई के निर्देश भी दिए जा चुके हैं फिर भी कमीशन का खेल खुलेआम चल रहा है। यदि निजी पब्लिसर्श की किताबें हों तो यह कमीशन 30 से लेकर 70 प्रतिशत तक होता है। कापियों पर भी 20 से 30 प्रतिशत का कमीशन रहता है। यही स्थिति यूनिफार्म में है। स्कूल प्रबंधन जब किसी दुकानदार से टाइअप करता है तो वह कोर्स व यूनिफार्म के लिए 60-40 प्रतिशत का कमीशन तय करता है। 60 प्रतिशत कमीशन स्कूल प्रबंधन रखता है, जबकि 40 प्रतिशत दुकानदार।

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