प्रधानमंत्री ने भिलाई स्टील प्लांट में ये किया राष्ट्र को समर्पित - .

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Tuesday, 19 June 2018

प्रधानमंत्री ने भिलाई स्टील प्लांट में ये किया राष्ट्र को समर्पित

प्रधानमंत्री ने भिलाई स्टील प्लांट में ये किया राष्ट्र को समर्पित

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को भिलाई इस्पात संयंत्र में यूनिवर्सल रेल मिल,ब्लास्ट फर्नेस क्रमांक-8, बार एंड रॉड मिल, स्टील मेल्टिंग शॉप-3 को राष्ट्र को समर्पित किया। इससे न सिर्फ प्लांट की क्षमता बढ़ेगी बल्कि यह आधुनिकतम तकनीक से लेस हो जाएगा।

1. यूनिवर्सल रेल मिल : देश की लाइफ लाइन रेलवे को पटरी सप्लाई बीएसपी ही करता है। 60 के दशक में महज 13 मीटर लंबी रेल पटरी बनाकर सफर की शुरुआत करने वाले बीएसपी में यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) बनाया गया है। इससे अब बीएसपी 520 मीटर लंबी पटरी तैयार कर रेलवे को दे सकता है। एक बार में 130 मीटर लंबी पटरी बनाता है। यह दुनिया की इकलौती इतनी लंबी पटरी है। इसे वेल्ड कर 260 मीटर और डबल वेल्ड करने से 520 मीटर की पटरी तैयार करने की क्षमता है। यूआरएम के बनने से रेल पात उत्पादन आठ लाख टन वार्षिक से बढ़कर अब दो एमटी हो जाएगा।
2. ब्लास्ट फर्नेस क्रमांक-8 : ब्लास्ट फर्नेस को मदर ऑफ प्लांट बोलते हैं। भिलाई स्टील प्लांट का सफर फर्नेस-1 से 1959 में शुरू हुआ, जो महज एक एमटी हॉट मेटल बनाता था। आज 8400 टन हॉट मेटल रोज बनाने की क्षमता फर्नेस-8 में ही है। अब तक सात फर्नेस से देश में बीएसपी अपना योगदान दे रहा था। फर्नेस-7 की क्षमता 3200 क्यूबिक मीटर है। फर्नेस-4, 5 व 6 की 1619 क्यूबिक मीटर है। अब बीएसपी 7.5 एमटी सालाना हाट मेटल उतपादन कर सकेगा।
3. बार एंड रॉड मिल : चीन पर अघोषित रूप से बैन लगाने के लिए मोदी सरकार ने नई इस्पात नीति को लागू की है। इसमें शर्त यह है कि सभी सरकार कंस्ट्रक्शन में देश में निर्मित स्टील ही इस्तेमाल करना है। इसके लिए सरकार ने सभी मंत्रालयों को पत्र भी लिखा था। घरेलू बाजार में सरिया सहित अन्य स्ट्रक्चरल प्रोडक्ट की मांग बढ़ी। अब बीएसपी अपने नए मिल बीआरएम (बार एंड रॉड मिल) में ही चंद सेकंड में 200 मीटर लंबी सरिया बनाकर देश की नींव में अपना योगदान देने में सक्षम हो गया। वर्तमान में सरिया उत्पादन एक एमटी वार्षिक है जो दो गुना हो जाएगा।
4. स्टील मेल्टिंग शॉप-3 : दुनिया के बेहतरीन इस्पात की श्रेणी में भिलाई स्टील प्लांट का है। यह इसलिए है कि लोहे से इस्पात की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होता। यह काम स्टील मेल्टिंग शॉप में होता है, जहां लोहे से कॉर्बन निकालकर इस्पात बनाने के साथ विशेष ग्रेड का भी स्टील तैयार कर लिया जाता है। नए स्टील मेल्टिंग शॉप-3 अत्याधुनिक तकनीकी से लैस होकर इस काम को बखूबी अंदाज देने की कमान संभाल चुका है। अब कू्रड स्टील का उत्पादन 3.9 एमटी से बढ़कर सात एमटी हो जाएगा।

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