भोपाल : यहांं है वीवीआईपी पेड़, सुरक्षाकर्मी भी रहते हैं तैनात - .

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Tuesday, 19 June 2018

भोपाल : यहांं है वीवीआईपी पेड़, सुरक्षाकर्मी भी रहते हैं तैनात

भोपाल : यहांं है वीवीआईपी पेड़, सुरक्षाकर्मी भी रहते हैं तैनात

वीआईपी लोगों की सुरक्षा के बारे में तो आपने सुना होगा, लेकिन भोपाल के पास सलामतपुर में पहाड़ी एक वीवीआईपी पेड़ बेहद चर्चित है। इस पेड़ को वीवीआईपी का दर्जा मिलने का खास कारण है। आलम ये है कि इस पेड़ की सुरक्षा में पूरे समय सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं और इसकी सुरक्षा पर 12 से 13 लाख रुपए खर्च होते हैं। राज्य शासन और जिला प्रशासन इस वीवीआईपी पेड़ की खास देखरेख सुनिश्चित करते हैं। पेड़ की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी तो तैनात रहते ही हैं लेकिन एक मजबूत लोहे की जाली भी इसके ईर्द-गिर्द लगाई गई है ताकि पेड़ को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सके। इसके अलावा पेड़ को खाद और पानी की आपूर्ति सही तरीके से हो इसके लिए भी प्रशासन ने व्यवस्था की हुई है। यहां पूरे समय पानी का एक टैंकर अलग से सिर्फ पेड़ के लिए खड़ा रहता है।
दरअसल सरकारी और निजी आयोजनों में पौधरोपण के कई कार्यक्रम होते हैं लेकिन अधिकांश में पेड़ों का संरक्षण नहीं हो पाता। नतीजा ये निकलता है कि पेड़ सूखकर दम तोड़ देते हैं। लेकिन यहां इस पेड़ को वीवीआईपी ट्रीटमेंट मिलता है। ये पूरे समय हरा-भरा रहता है। आईए आपको बताते हैं कि इस पेड़ को वीवीआईपी का दर्जा क्यों हासिल है। दरअसल अपने दौरे पर श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने इसे रौंपा था। इस पीपल वृक्ष को बोधि वृक्ष माना गया जिसके नीचे बैठकर भगवान गौतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था। चूंकि महिंदा राजपक्षे ने इसे अपने हाथों से रोंपा था लिहाजा इस वृक्ष को वीवीआईपी का दर्जा गया है। बड़ी संख्या में बौद्ध धर्म अनुयायी यहां इस वृक्ष के दर्शन के लिए पहुंचते है लिहाजा ये वृक्ष शासन और प्रशासन के लिए भी बहुत खास है।
12 से 13 लाख का खर्च :- जानकारी के मुताबिक इस वीवीआईपी वृक्ष की देखरेख, सुरक्षा में प्रशासन का करीब 12 से 13 लाख रुपए सालाना खर्च होते हैं। इसके अलावा सड़क मेन्टेनेंस, लोहा की जाली का बाड़ा सहित अन्य खर्च अलग से है। फिलहाल इस वीवीआईपी वृक्ष पर हो रहे खर्च के बाद सवाल उठ रहे हैं कि जितना खर्च वीवीआईपी पेड़ पर हो रहा है उससे प्रदेश में दूसरे स्थानों पर लाखों की संख्या में पौधरोपण किया जा सकता है।

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