प्री-मानसून में ही रोजाना तीन से चार घंटे गुल हो रही बिजली - .

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Thursday, 7 June 2018

प्री-मानसून में ही रोजाना तीन से चार घंटे गुल हो रही बिजली

प्री-मानसून में ही रोजाना तीन से चार घंटे गुल हो रही बिजली

बिजली कंपनी हर साल प्री-मानसून के पहले लाखों रुपए मेंटेनेंस में खर्च करती है। इसके बावजूद भी बारिश शुरू होने के पहले ही इसकी पोल खुल जाती है। शहर में रोज गुल हो रही बिजली ने लोगों को परेशान कर रखा है। दिन भर 3 से 4 घंटे बिजली गुल हो रही है। लोग कंट्रोल रूम व कॉल सेंटर पर फोन भी करते हैं, लेकिन फोन रिसीव नहीं होता। सबसे ज्यादा समस्या सेंट्रल कोतवाली क्षेत्र में आ रही है। जबकि कंपनी प्री-मानसून के पहले मेंटेनेंस करती है, फिर भी बिजली गुल होने का सिलसिला खत्म नहीं हो रहा है। बिजली वितरण कंपनी को पिछले 15 दिन पहले ही बेहतर बिजली व्यवस्था को लेकर नंबर 1 का खिताब मिला था। अब बिजली व्यवस्था गड़बड़ा गई है।
बिजली कंपनी शहर में बिजली सप्लाई को लेकर लाख वादे करे लेकिन शिकायतें इनकी पोल खोल रही है। शायद ही जिले भर में ऐसी कोई कॉलोनी होगी जहां पर भीषण गर्मी में बिजली गुल होने की घटना न हुई हो। विजयनगर, सेंट्रल कोतवाली, देवास नाका, लसूड़िया, मांगलिया, सांवेर व अन्य क्षेत्रों में बुधवार को भी दिन में बिजली ने परेशान किया। वहीं जब अधिकारियों से बात की तो उन्होंने इस बात को साफ नकार दिया और कहा कि उनके हिसाब से शहर में कहीं पर भी बिजली की समस्या नहीं है।
शहर में रोजाना दो से तीन घंटे कटौती :- शनिवार को हुई बारिश में शहर के 7 फीडर में फॉल्ट हुआ था। फॉल्ट का कारण प्री-मानसून के दौरान तूफान के साथ बारिश हुई थी। कंपनी ने इन्हें सही कर लिया लेकिन इसके बाद भी शहर में रोज 2 से 3 घंटे कटौती की जा रही है। साथ ही हर आधे घंटे में बिजली जाने की समस्या बनी हुई है।
कॉल सेंटर पर नहीं उठाते फोन :- बिजली की शिकायतों के लिए कंपनी लगातार लोगों की सुविधाओं के लिए नई तकनीकी उपयोग कर रही हो, लेकिन इनका फायदा नहीं मिल पा रहा है। कॉल सेंटर पर फोन ही नहीं उठाए जाते, जब लोग शिकायत करने पहुंचते हैं तो वहां पर भी बहाने बनाकर वापस भेज दिया जाता है। कई बार तो यहां पर विवाद की भी स्थिति बनती है।

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