दुष्कर्म करने के बाद खाई आइसक्रीम, पकड़ा गया तो बोला, मुझे मार डाला - .

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Sunday, 24 June 2018

दुष्कर्म करने के बाद खाई आइसक्रीम, पकड़ा गया तो बोला, मुझे मार डाला

दुष्कर्म करने के बाद खाई आइसक्रीम, पकड़ा गया तो बोला, मुझे मार डाला

 छह साल की मासूम परी के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने के बाद दरिंदे जीतू उर्फ जितेंद्र कुशवाह को जनाक्रोश से बचाने के लिए आईपीएस धर्मजीत सिंह मीणा ने 20 के लगभग जवानों की निगरानी में कोर्ट खुलने के साथ न्यायालय में पेश किया।
कोर्ट में भीड़ जमा होती, उससे पहले ही आरोपित को न्यायालय में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लेकर पुलिस उसे वापस थाने ले आई। इस दौरान आधा सैकड़ा से अधिक आक्रोशित लोग थाने के बाहर भी जमा हो गए थे। आरोपित पूछताछ से बचने के लिए नाटक कर रहा है। वह चिल्ला रहा है और कह रहा है कि उसे नहीं मालूम उससे कैसे क्या हो गया, मुझे मार दो। जीतू को पकड़ने के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने उससे पूछताछ शुरू की। पहले तो वह साफ मुकर गया और बोल किस की शादी, कौन सी बच्ची.. मैं कुछ नहीं जानता।
पुलिस ने सवाल किया कि बुधवार व गुरुवार की रात को वह कहां था, उसने कहा घर पर। लेकिन पुलिस उसके डबरा के रिश्तेदारों को साथ ले आई थी। जीतू के सामने ही उन्होंने कहा कि वह रात में उनके घर आया था और डरा व सहमा हुआ था। इसके बाद दोपहर दो बजे के लगभग जीतू पुलिस के सामने टूट गया। मालूम पड़ा है कि आरोपित बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने के बाद फिर शादी में पहुंचा और आइसक्रीम खाई।
अब थाने में ड्रामा कर रहा आरोपित 
इंवेस्टीगेशन टीम में शामिल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के चेहरे पर डर नजर नहीं आ रहा है। लेकिन अब उसने थाने में ड्रामा करना शुरू कर दिया है। वह चीख रहा है और चिल्ला रहा है। उसका कहना है कि उसे नहीं पता कि उससे कब कैसे हो गया।
डीएसपी, दो एसआई व 20 जवानों ने बगैर मोबाइल के 30 घंटे में ऐसे पकड़ा दरिंदा :- बुधवार की रात एक बजे चांदबाड़ी आमखो स्थित सामुदायिक भवन से गायब हुई 6 साल की परी का शव कैंसर पहाड़िया पर मिलने के बाद से पुलिस हरकत में आ गई थी। एसपी नवनीत भसीन ने कंपू थाने को बच्ची के शव का पीएम कराने से लेकर साक्ष्य संग्रहित करने का टास्क दिया था।
साथ ही डीएसपी क्राइम रत्नेश तोमर, दो उपनिरीक्षकों व 20 जवानों की टीम को बच्ची की हत्या को लेकर जनाक्रोश भड़के उससे पहले आरोपित को पकड़ने का जिम्मा सौंपा था। आरोपित की पहचान के लिए क्राइम ब्रांच के हर जवान के मोबाइल में डॉ. दीपक यादव के सीसीटीवी कैमरे से मिले फुटेज थे। क्राइम ब्रांच की एक टीम सबसे पहले सीसीटीवी फुटेज लेकर बच्ची जिस के यहां शादी समारोह में आई थी उनके घर पहुंची। उनसे अनुरोध किया कि वे अपने रिश्तेदारों को यह फुटेज भेजकर आरोपित की पहचान कराएं क्योंकि फुटेज में बच्ची जिस सहजता के साथ युवक के पीछ जाते दिख रही थी, उससे ऐसा लग रहा था कि बच्ची युवक से पहले से परिचित है। लेकिन यहां से पुलिस को संदेही की पहचान करने में सफलता नहीं मिली।
- क्राइम ब्रांच को पता चला कि वह गुरुवार की सुबह ही डबरा चला गया है। एक टीम उसे पकड़ने के लिए डबरा निकल गई। दूसरी टीम उसके घर की निगरानी कर रही थी। क्योंकि पुलिस को इस बात का पता चल चुका था कि जीतू के पास मोबाइल नहीं है इसलिए उसे ट्रैक कर पाना मुश्किल है। इसके बाद जीतू अचानक वह घर लौटा और उसे क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ लिया।
दहशत का माहौल सुरक्षा के लिए बज्र तैनात :- दरिंदा जीतू सामुदायिक भवन से कुछ ही दूरी पर स्थित आयुर्वेद कॉलेज के पास बनी बस्ती में रहता है। जीतू के पकड़े जाने के बाद उसका शराबी पिता और दोनों भाई अपने परिवार के साथ गायब हैं। उसके दोनों भाइयों की शादी हो चुकी है। एक भाई आयुर्वेद कॉलेज में काम करता है। बस्ती वाले इस परिवार के संबंध में कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। लेकिन पड़ोसी ने बताया कि जीतू की 10 जुलाई को शादी होने वाली थी। लेकिन उसने शादी से पहले ही ऐसी हरकत कर दी। बस्ती में तरह-तरह की अफवाहें हैं जिससे बस्ती के लोग दहशत में हैं, आरोपित के पकड़े जाने के बाद उसके घर पर आक्रोशित लोगों के हमला करने के बाद सुरक्षा के लिए बज्र वाहन तैनात किया गया है।

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