बच्चों को देने के लिए लाई गई 900 साइकिलें खुले में रखने से बन गई कबाड़ - .

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Saturday, 2 June 2018

बच्चों को देने के लिए लाई गई 900 साइकिलें खुले में रखने से बन गई कबाड़

बच्चों को देने के लिए लाई गई 900 साइकिलें खुले में रखने से बन गई कबाड़

छठवीं और नवमीं कक्षा के स्कूली बच्चों को निशुल्क बांटने के लिए जबलपुर भेजी गईं साइकिलें एमएलबी स्कूल के बाद अब ब्यौहारबाग स्कूल में धूप-धूल में खराब हो रही हैं। साइकिलें बांटने में की जा रही देरी के चलते ब्यौहारबाग कन्या शाला में 900 साइकिलें खुले आसमान के नीचे करीब 5 माह से रखीं हैं। अधिकांश साइकिलों में जहां जंग लग चुका है वहीं कई साइकिलों के टायर-ट्यूब कट-फट गए हैं। कबाड़ हो रहीं साइकिलों को लेकर राजनीति मची तो आनन-फानन में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को चिट्ठी लिखकर साइकिलें उठाने के निर्देश दे दिए। लेकिन डीईओ की चिठ्ठी के 11 दिन बाद भी किसी बीईओ ने साइकिलें उठवाने की जहमत नहीं उठाई। कबाड़ ही रहीं साइकिलों की सरकारी कीमत 30लाख रुपए बताई जा रही है।
रिजर्व कोटे की बची थीं, बाद में फिर भेज दी : --2 से 3 किमी दूर से स्कूल आने वाले बच्चों को परेशानी न हो इसके लिए निः शुल्क साइकिल वितरण योजना के तहत स्कूली बच्चों को साइकिलें बांटने के लिए भेजी गई थीं। -एमएलबी स्कूल में रिजर्व कोटे की भेजी गईं 155 साइकिलें पहले की बची थीं। बाद में दो ट्रक साइकिलें और भेज दी गईं। एमएलबी स्कूल प्राचार्य ने साइकिलें रखने से मना किया तो पूरी साइकिलें जनवरी-फरवरी में ब्यौहारबाग स्कूल में रखवा दी गईं। -स्कूल में खुले रखीं साइकिलें धूप-धूल से खराब हो रही हैं।
6 ब्लॉक को बांटी जानी हैं साइकिलें :- -साइकिलों को वितरण कुंडम, शहपुरा, सिहोरा, मझौली और पनागर और पाटन ब्लॉक के स्कूलों साइकिलें बांटा जाना है। -डीईओ ने 22 मई को ब्लॉकों के शिक्षा अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर प्रति ब्लॉक 150 साइकिलें जल्द से जल्द ले जाने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्कूल खुलते ही पात्र बच्चों को साइकिलों बांटी जा सकें। -डीईओ के निर्देश के बाद भी किसी भी ब्लॉक के अधिकारी साइकिलें ले जाने नहीं आए। ब्यौहारबाग स्कूल में रखीं साइकिलों का वितरण कराने सभी बीईओ को निर्देश जारी कर दिए हैं। जल्द ही साइकिलों को स्कूलों तक पहुंचाकर वितरण करा दिया जाएगा।

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