अब अनमैंड रेलवे क्रॉसिंग पर सेटेलाइट से बजेगा हूटर, ट्रायल सफल - .

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Wednesday, 30 May 2018

अब अनमैंड रेलवे क्रॉसिंग पर सेटेलाइट से बजेगा हूटर, ट्रायल सफल

अब अनमैंड रेलवे क्रॉसिंग पर सेटेलाइट से बजेगा हूटर, ट्रायल सफल

 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान द्वारा बनाए गए सेटेलाइट बेस्ड चिप सिस्टम का ट्रायल पूरा हो चुका है। यह मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर सड़क से गुजरने वालों को हूटर बजाकर अलर्ट करेगा। यह रियल टाइम में ट्रेन का मूवमेंट पता करने में भी मददगार होगा। स्पेस अप्लीकेशन सेंटर के हवाले से यह बताया गया है कि सेटेलाइट बेस्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम का फेज 1 का ट्रायल पूरा कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसका परिणाम भी हमारी उम्मीद के अनुरूप ही रहा है।
कैसे करता है काम- :- पायलट प्रोजक्ट के आधार पर इसरो द्वारा विकसित इस आईसी चिप को कई ट्रेनों की इंजनों में लगया गया था। इस चिप की मदद से ट्रेन की वास्तविक लोकेशन भारत की इंडियन रीजनल नेविगेशन सेटेलाइट सिस्टम (नाविक) के द्वारा मानव रहित रेलवे क्रासिंग को मिल जाती है। जिससे वहां पहले से लगे हूटर सक्रिय होकर लोगों को आगाह करना शुरू कर देते हैं।
विशेषज्ञों ने बताया कि रेलवे क्रॉसिंग पर लगे हूटर ट्रेन के 400 मीटर से 4 किलोमीटर की दूरी होने पर बजने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह हूटर सड़क पर चल रहे लोगों के साथ उस ट्रेन के पॉयलट को भी आगाह करेगा। यह हूटर स्वदेशी सेटेलाइट नाविक से कनेक्ट रहेगा जिससे इसे ट्रेन की वास्तविक लोकेशन का पता चलेगा। यह हूटर ट्रेन के पास आने पर तेज आवाज में बजेगा जबकि उसके जाते ही यह शांत हो जाएगा।
कब होगा लागू- :- इस सिस्टम को पिछले एक साल में कई ट्रेनों में लगाकर जांच किया गया है। इसके परीक्षण के दौरान तापमान, बारिश, हवा इत्यादि का भी प्रभाव जांचा गया है। अधिकारियों के हवाले से यह कहा गया है कि इस चिप के प्रोडक्शन के लिए इसरो कंपनियों को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर भी करेगा। हालांकि इसे सभी मानवरहित क्रॉसिंग पर लगाए जाने का फैसला अभी रेलवे के अधिकारियों से सहमति के बाद ही किया जाएगा।

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