बस्तर जिले में इस बार अब तक किसी भी किसान ने नहीं कराया बीमा - .

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Saturday, 26 May 2018

बस्तर जिले में इस बार अब तक किसी भी किसान ने नहीं कराया बीमा

बस्तर जिले में इस बार अब तक किसी भी किसान ने नहीं कराया बीमा

571 करोड़ रूपए के कर्ज में डूबे बस्तर संभाग के 71 हजार 886 किसानों ने वर्ष 2017-18 के लिए आठ करोड़ 57 लाख 48 हजार रूपए जमा कर फसल बीमा जमा कराया था , परन्तु बस्तर जिले के किसी भी किसान को बीमा राशि नहींं दी गई। इधर बीमा कंपनियों की इस मनमानी के चलते संभाग के किसी भी किसान ने चालू कृषि सत्र 2018-19 के लिए अब तक फसल बीमा नहीं कराया है जबकि क्षेत्र में बोनी शुरू हो चुकी है। किसानों का आरोप है कि कृषि विभाग से सांठगांठ कर बीमा कंपनियों ने प्रभावित किसानों का नाम काटा है।
वर्ष 2016-17 में 70 हजार 554 किसानों ने फसल बीमा कराया था परन्तु मात्र 517 किसानों को ही 46 लाख 27 हजार 370 रूपए बीमा राशि दी गई थी। बस्तर संभाग में इफ्को टोकियो और रिलायंस बीमा कंपनी को फसल बीमा के लिए अधिकृत किया गया है। वर्ष 2015 से यहां फसल बीमा कार्य जारी है।
हर साल करा रहे बीमा : - 2017 में जिला बस्तर के 12 हजार 878 , कोण्डागांव के 13 हजार 843, नारायणपुर के एक हजार 721, कांकेर के 34 हजार 559, दंतेवाड़ा के एक हजार 828, सुकमा के एक हजार 817 और बीजापुर जिला के पांच हजार 240 किसानों ने बीमा कराया था।
इसके एवज में इन्होने आठ करोड़ 57 लाख 48 हजार रूपए बीमा कंपनी में जमा कराया था। इसी तरह वर्ष 2016 में उपरोक्त सातों जिला के 70 हजार 554 किसानों ने फसल बीमा के लिए सात करोड़ 93 लाख 46 हजार 769 रूपए जमा किया था, परन्तु बीते दो साल में मात्र 11 हजार 140 किसानों को 13 करोड़ 67 लाख 28 हजार 900 रूपए का ही बीमा राशि का भुगतान किया गया।
अनावारी रिपोर्ट सही नहीं : - टेकामेटा के किसान पीलूराम, बालीकोंटा के तुलसीराम और आसना के आसमन बताते हैं कि फसलों की रिपोर्ट कृषि विभाग तय करती है और अनावारी रिपोर्ट के अनुसार ही बीमा कंपनी किसानों को राशि का भुगतान करती है। कृषि विभाग द्वारा फसल आकलन की पद्धति से यहां के किसान नाराज हैं। आकलन में गलती से किसानों को फसल बीमा का लाभ नही मिल पा रहा है। किसानों को आशंका है कि बीमा कंपनी और कृषि विभाग में साठ गांठ है।

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