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Sunday, 27 May 2018

हम पड़ोसी देशों से शांति चाहते हैं, पर इसके लिए ताकतवर बनना पड़ेगा: अकबर

हम पड़ोसी देशों से शांति चाहते हैं, पर इसके लिए ताकतवर बनना पड़ेगा: अकबर

हम पड़ोसी देशों से शांति चाहते हैं। इसके लिए ताकतवर बनना पड़ेगा। कमजोर शांति स्थापित नहीं कर सकते। यह बात भारत के विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने भाजपा के प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन में कही। कार्यक्रम मोदी सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर रविवार को भोपाल की एक होटल में हुआ। अकबर ने विदेश नीति को लेकर यूपीए सरकार पर भी निशाना साधा।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम लिए बिना कहा कि एक प्रधानमंत्री एक पड़ोसी देश (पाकिस्तान) जाने के लिए उत्साहित रहते थे, लेकिन दस साल के कार्यकाल में नेपाल और यूएई जाने के लिए उनके पास वक्त नहीं था। उन्होंने कहा कि अरब देशों के साथ भारत के इतने अच्छे संबंध कभी नहीं रहे।
शिवराज ने सही कहा था :- अकबर ने मप्र और अमेरिका की सड़कों की तुलना वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान को भी सही ठहराया। उन्होंने कहा कि सड़कों को घटिया बताने का एक षड्यंत्र चल रहा है। मुझे भी कई बार बाहर जाने का मौका मिला है और मैं दावे से कह सकता हूं कि मप्र की सड़कें भी विश्वस्तरीय बन रही हैं। कांग्रेस सरकार से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि पहले सड़कों के गड्ढे देखकर ऐसा लगता था कि बारिश सिर्फ हिंदुस्तान में हो रही है, लेकिन अब बारिश के दिनों में भी सड़कें खराब नहीं होतीं। एमजे अकबर को यह पता नहीं था कि शिवराज सिंह चौहान कितने साल से मुख्यमंत्री हैं। भाषण के दौरान उन्होंने मंच पर बैठे नेताओं से पूछा कि शिवराज जी कितने सालों से मुख्यमंत्री हैं, इस पर भाजपा नेताओं ने कहा कि वे 14 साल से सीएम हैं।
मोदी का हर भाषण एक नगीना :- अकबर ने मोदी के भाषणों का जिक्र करते हुए कहा कि उनका हर भाषण अपने आप में एक नगीना है। हमारा प्रधानमंत्री डरता नहीं है, वह दिलेर है। उनके दिमाग में क्या चल रहा होता है, कोई समझ नहीं पाता है।

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