ग्‍वालियर में एसपी के स्‍टेनो से 20 तोला सोने की ठगी - .

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Wednesday, 30 May 2018

ग्‍वालियर में एसपी के स्‍टेनो से 20 तोला सोने की ठगी

ग्‍वालियर में एसपी के स्‍टेनो से 20 तोला सोने की ठगी

एसपी अजाक चंबल जोन के स्टेनो से दो युवक और उनकी मां 20 तोला (202 ग्राम) सोना ठग ले गए हैं। घटना पार्क होटल के पास 3 अप्रैल 2017 से अब तक की है। पुलिस इंस्पेक्टर (स्टेनो) ने यह पुश्तैनी सोना अपनी दो बेटियों के लिए जोड़कर रखा था। बेटी की शादी पक्की होने वाली थी इसलिए जेवर बनाने के लिए दिया था। पर ज्वेलर्स लेकर गायब हो गया। मामले की शिकायत पड़ाव थाने में की गई है। पुलिस ने अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर लिया है। एक संदेही को हिरासत में भी लिया है।
पड़ाव थानाक्षेत्र स्थित पार्क होटल शासकीय क्वार्टर निवासी गिरीश पुत्र केसी अरोरा इंस्पेक्टर हैं। अभी वह एसपी अजाक चंबल जोन के स्टेनो के पद पर काम कर रहे हैं। एक वर्ष पूर्व किसी प्रॉपर्टी की खरीद के दौरान गायत्री नगर निवासी साधना सोनी, उनके बेटे शिवम उर्फ मोनू सोनी और विवेक सोनी संपर्क में आए थे। इसके बाद इनका घर आना जाना हो गया। उसी समय उन्होंने बताया था कि भिंड के गोहद में प्रियंका ज्वेलर्स के नाम से उनकी शॉप है। जब अच्छी जान पहचान हो गई थी तो स्टेनो गिरीश कुमार ने पुश्तैनी लगभग 20 तोला सोने के जेवर बनाने के लिए कहा।
इस पर विवेक, मोनू और साधना तीनों ने सराफा बाजार से आधी कीमत पर लेटेस्ट डिजाइन के जेवर तैयार कर देने की बात कही। इस पर 3 अप्रैल 2017 को 202 ग्राम सोना इंस्पेक्टर ने तीनों को दे दिया। बदले में उन्होंने दो चेक उनको दिए। इसके बाद वह एक सुनार के यहां पहुंचे और सोना का वजन कराया और उसकी पर्ची लेकर गिरीश को दी।
इसके बाद 20 से 25 दिन में जेवरात तैयार कर देने की बात हुई। क्यांेकि सोना देते समय गिरीश ने बताया था कि उनकी दो बेटियों की शादी होना है इसलिए जेवर अच्छे और लेटेस्ट डिजाइन के ही बनाए जाएं। विश्वास दिलाकर तीनों चले गए। पर उस दिन से आज तक दोनों युवक व उनकी मां ने न तो जेवर बनाकर दिए न ही सोना लौटाया। बल्कि स्टेनो गिरीश का फोन तक रिसीव करना बंद कर दिया। इतना ही नहीं धमकाया भी कि अब सोना नहीं लौटाएंगे। इस पर उन्होंने पड़ाव थाने में शिकायत की थी। जिस पर पुलिस ने अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर लिया है।
ऐसे आए थे संपर्क में :- साधना सोनी के नाम गायत्री नगर में एक 450 स्क्वॉयर फीट का प्लॉट था,जिसे इंस्पेक्टर गिरीश ने पत्नी के नाम खरीदा था। 19.5 लाख रुपए में इस प्लॉट की डील हुई थी। रजिस्ट्री भी आसानी से हो गई थी। इसी डील के बाद साधना और उनके बच्चों ने घर आना जाना शुरू किया।
इसी समय उन्होंने अपना प्रियंका ज्वेलर्स के नाम से विजिटिंग कार्ड भी दिया था। जब विश्वास हो गया था और जान पहचान भी अच्छी हो गई थी इसलिए ही गिरीश ने उनको जेवरात बनाने के लिए सोना दिया था और यहीं धोखा खा गए।

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