मांग पूरी नहीं, '108' के कर्मचारियों ने बंद किया काम - .

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Monday, 21 May 2018

मांग पूरी नहीं, '108' के कर्मचारियों ने बंद किया काम

मांग पूरी नहीं, '108' के कर्मचारियों ने बंद किया काम

जिले में संचालित 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों ने शनिवार देर रात से ही वाहनों का संचालन बंद कर दिया। इससे इमरजेंसी सेवा गड़बड़ा गई। रविवार सुबह सभी ने जिला अस्पताल के सामने एक साथ वाहनों को खड़ा कर विरोध प्रदर्शन किया। इस हड़ताल के कारण गंभीर मरीजों को दिक्कतें हुई। डायल 100 या जननी एक्सप्रेस की मदद से कई मरीजों को अस्पताल पहुंचाया गया। पिछले तीन माह में यह कर्मचारी 5 से अधिक बार हड़ताल कर चुके हैं।
इनका कहना है कि प्रदेश में एम्बुलेंस का संचालन करने वाली कंपनी कर्मचारियों से किए वादे को पूरा नहीं कर पा रही है इसलिए हड़ताल का सहारा लेना पड़ रहा है। 108 कर्मचारी संघ के पूरे प्रदेश से 480 कर्मचारियों को कंपनी ने काम से निकाल दिया है। उन्हें वापस लेने के लिए अप्रैल में नेशनल हेल्थ मिशन के संचालक, जिगित्सा कंपनी के अधिकारियों व 108 संघ के पदाधिकारियों के बीच बैठक हुई थी।
इसमें कर्मचारियों को काम पर वापस लेने, हर माह 10 तारीख को वेतन जमा करने व महंगाई भत्ता जमा करने पर सहमति हुई थी। इनमें से एक भी बात पर अब तक अमल नहीं किया गया। यहीं कारण है कि पूरे प्रदेश में यह हड़ताल की जा रही है। इंदौर में 16 पाइंट में से 12 पर तैनात एम्बुलेंस का संचालन बंद है। वहीं एडवांस लाइफ सपोर्ट वाहन भी इस हड़ताल में शामिल है।
चार माह से नहीं पहुंची दवा, उपकरण भी बंद : मीडिया प्रभारी सुरेश वर्मा ने बताया कि जिले की सभी 108 एम्बुलेंस में दवाइयां नहीं रहती है। पिछले चार माह से यही हालात बने हुए हैं जबकि पहले एडवांस में पहुंचती थी। अगर कोई कर्मचारी शिकायत करता है तो नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
समझौते के बाद भी मांग नहीं की पूरी : 108 एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र जोनवान ने बताया अप्रैल में कंपनी ने कर्मचारियों को काम पर रखने का लिखित में आश्वासन दिया था। सैलरी समय पर देने व महंगाई भत्ते पर भी समझौता हुआ था, लेकिन इसे अमल में नहीं लाया गया। जब तक इसे लागू नहीं किया जाता हड़ताल जारी रहेगी।

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