आलीशान कारों में चलने वाले सड़कों पर होते हैं सबसे उद्दंड : पर्यटन मंत्री के जे अल्फोंस - .

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Thursday, 29 March 2018

आलीशान कारों में चलने वाले सड़कों पर होते हैं सबसे उद्दंड : पर्यटन मंत्री के जे अल्फोंस

आलीशान कारों में चलने वाले सड़कों पर होते हैं सबसे उद्दंड : पर्यटन मंत्री के जे अल्फोंस


 पर्यटन मंत्री के जे अल्फोंस ने असुरक्षित सड़कों की चर्चा करते हुए गुरुवार को कहा कि आलीशान कारों में चलने वाले लोग सड़कों पर सबसे उद्दंड होते हैं. देश में असुरक्षित सड़कों के कारण घातक सड़क हादसों में हर साल करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत होती है. राष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षित सड़क परिवहन पर दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि भले ही टैक्सी चालकों को सुरक्षित पद्धतियों के बारे में प्रशिक्षित करना एक अच्छा विचार है, पर सड़कों पर महंगे आटोमोबाइल चलाने वाले लोगों को प्रशिक्षित करना महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा, ‘कई बार मैंने यह महसूस किया कि आलीशान कारों में चलने वाले लोग सबसे अधिक उद्दंड होते हैं और हम टैक्सी चालकों पर आरोप लगाते हैं. वास्तव में गुडइयर (जिसने सड़क परिवहन शिक्षा संस्थान के साथ सड़क सुरक्षा कार्यक्रम शुरू किया) को पहले लखपतियों को प्रशिक्षित करना चाहिए.’

अल्फोंस ने कहा, ‘हमें लगता है कि हमारे पास आलीशान कार आ गयी तो हम सारी दुनिया के मालिक हो गये, हमारे पास फुटपाथ पर सो रहे लोगों को कुचलने का अधिकार आ गया. निश्चित तौर पर वकील हैं जो तथ्यों को तोड़ मरोड़ देंगे और एक गरीब व्यक्ति को ले आयेंगे जो कहेगा कि वाहन वह चला रहा था. हमने भारत में कई मशहूर मामले देखे हैं. हम सभी को बदलना होगा.’ उन्होंने यह भी कहा कि बदलाव बड़े लोगों से होना चाहिए तथा उन्होंने एक मंत्री के रूप में उन्हें सुरक्षा प्रदान कराये जाने के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया.


अल्फोंस ने कहा, ‘देश के बेचारे पर्यटन मंत्री को कौन मारना चाहता है? इसमें बहुत हद तक अपने को महत्व देने की भावना है. हां, कुछ लोगों की सुरक्षा की जरूरत है. प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, गृह मंत्री उनकी सुरक्षा से समझौता नहीं हो सकता.’ उन्होंने यह भी कहा कि जब उनके आसपास सुरक्षाकर्मी चलते हैं तो वह असहज महसूस करते हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिक वैश्विक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बेहतर एवं सुरक्षित सड़कों को विकसित करने की जरूरत है.

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