डायरेक्टर से मिली बस्तर जाने की नसीहत, भड़कीं स्वरा भास्कर ने कह डाला 'नीच' - .

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Friday, 2 February 2018

डायरेक्टर से मिली बस्तर जाने की नसीहत, भड़कीं स्वरा भास्कर ने कह डाला 'नीच'

Padmaavat: डायरेक्टर से मिली बस्तर जाने की नसीहत, भड़कीं स्वरा भास्कर ने कह डाला 'नीच' 

संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म 'पद्मावत' एक ओर देश-विदेश में ताबड़तोड़ कमाई कर रिकॉर्ड बना रही है. दूसरी ओर फिल्म से जुड़ा विवाद है कि खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. पिछले दिनों 'पद्मावत' पर जौहर का महिमामंडल करने का आरोप लगाकर चर्चा में आईं स्वरा भास्कर ने मामले से जुड़ी बात पर प्रतिक्रिया देते हुए फिल्म डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री को 'नीच' और 'बीमार' बताया है. स्वरा की यह प्रतिक्रिया विवेक के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने स्वरा को सलाह देते हुए कहा था कि उन्हें 'वास्तविक योनि' का अनुभव जानने के लिए बस्तर, छत्तीसगढ़ का दौरा करना चाहिए. स्वरा द्वारा पद्मावत फिल्म के अंत में 'जौहर' का दृश्य देखने के बाद खुद को 'योनि मात्र' महसूस करने का विवादित बयान देने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें बुरी तरह ट्रोल किया जा रहा है. ट्विटर पर सुचित्रा कृष्णमूर्ति से बहस करने के बाद स्वरा को अग्निहोत्री के गुस्से का शिकार होना पड़ा.

अग्निहोत्री ने बुधवार को लिखा, "हमने बस्तर में कई पूर्व नक्सली महिलाओं से बात की है. सभी की कहानी दु:खद है और दुर्व्यवहार, दुष्कर्म और नारीद्वेष से भरी पड़ी है. अगर वे शादी कर लेती हैं तो उन्हें बच्चे पैदा करने का अधिकार नहीं है. मुझे लगता है झूठी नारीवादी स्वरा भास्कर को 'वास्तविक योनि' की पीड़ा समझने के लिए इन जगहों का दौरा करना चाहिए." उन्होंने आगे लिखा, "महिलाओं को समझने की जरूरत है कि स्वरा भास्कर जैसी झूठी नारीवादी के कारण नारीवादी आंदोलन खतरे में पड़ जाता है."

स्वरा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मुझे दु:ख हुआ कि आपने मुझे वहां जाकर मात्र खुद का बलात्कार करवाने की सलाह दी. सच में..? विवेक क्या ये ट्वीट आपने लिखा था? आपके व्यवहार और शिष्टता के इस निकृष्ट स्तर को देखकर मैं कहूंगी आप बहुत ही 'नीच' और 'बीमार' किस्म के हैं."

मंगलवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने पद्मावत पर अपने पत्र को सही ठहराया. उन्होंने कहा, "मेरे कुछ सवाल थे और मुझे लगता है कि वे सभी सवाल वैध थे. अगर लोग सहमत नहीं हैं तो मुझे इससे कोई आपत्ति नहीं है. हम एक गणतांत्रिक व्यवस्था में रहते हैं और यह अच्छी बात है कि कुछ मुद्दों पर हमारे विचार अलग हैं और मुझे लगता है कि हमें चर्चा करनी चाहिए."
 
 

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