7 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे नेत्रहीन छात्रों की मागों पर सरकार का रवैया उदासीन - .

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Tuesday, 2 January 2018

7 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे नेत्रहीन छात्रों की मागों पर सरकार का रवैया उदासीन

7 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे नेत्रहीन छात्रों की मागों पर सरकार का रवैया उदासीन


 भोपाल शहर के नीलम पार्क में 18 दिसंबर से नेत्रहीन छात्र आंदोलन कर रहे हैं. कड़कड़ाती ठंड में जलसत्याग्रह पर भी बैठे हैं. पूरे राज्य से तकरीबन 400 प्रदर्शनकारी क्रमिक रूप से यहां शामिल हो रहे हैं मगर फिलहाल इनकी मांगों पर सरकार कोई ध्यान देती नहीं दिख रही है. दरअसल, नया साल आने के बाद भी धरने पर बैठे नेत्रहीन छात्रों का अंधेरा नहीं छंटा है. ये सभी अपनी 23 मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, मगर उनमें से अभी तक एक बी पूरी नहीं हुई है. धरने पर बैठे छात्र हिदायत ग्रैजुएट हैं, कंप्यूटर डिप्लोमा भी लिया है लेकिन नौकरी नहीं है.

हिदायत का कहना है कि 'हम 23 मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. 7 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर हैं. हमारी मांग है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन हो. प्रदेश में छात्रावास बने, 1500 रुपये मासिक वजीफा मिले.' वहीं दृष्टिहीन बेरोजगार संघर्ष समिति के अध्यक्ष मनीष सिकरवार ने चेतावनी देते हुए कहा कि 'पता नहीं क्यों, इस बात को सरकार हल्के में ले रही है, हमारा आंदोलन चलता रहेगा. सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो गंभीर परिणाम होंगे.'

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि 'कुछ दिन रुक जाएं. बीजेपी के नेता भी प्रदर्शन करेंगे. सरकार इनकी सुध नहीं लेगी. शिवराज ने आश्वासन दिया होगा जो पूरा नहीं हुआ. खत्म कहानी.' वहीं बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी ने कहा कि सरकार दिव्यांगों के प्रति पूरी संवेदनशील है लेकिन जो भी मदद होगी संविधान और नियमों के दायरे में ही होगी. 

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