बजट 2018: आपके जीवन से जुड़े ये 10 बड़े फैसले बजट में संभव - .

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Tuesday, 16 January 2018

बजट 2018: आपके जीवन से जुड़े ये 10 बड़े फैसले बजट में संभव


बजट 2018: आपके जीवन से जुड़े ये 10 बड़े फैसले बजट में संभव


1 फरवरी 2018 को पेश होने वाला इस बार का बजट कुछ अलग होने वाला है। मोदी सरकार के 4 साल पूरे हो चुके हैं। अगले साल 2019 में चुनाव है ऐसे में सरकार पर बड़े फैसले लेने का दबाव है। इस कारण इस बार का बजट लोकलुभावन हो सकता है। वित्तमंत्री अरुण जेटली का खजाना आम लोगों के लिए खुल सकता है। अब तक आई रिपोर्ट्स के मुताबिक बजट में ये 10 बड़े फैसले संभव हैं।
1. इनकम टैक्स छूट बढ़ेगी
वित्तमंत्री अरुण जेटली बजट 2018 में इनकम टैक्स में छूट की सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख कर सकते हैं। कुछ रिपोर्ट में इसे 5 लाख तक करने का दावा किया गया है। हालांकि सरकार 5 लाख तक छूट नहीं करेगी क्योंकि इससे टैक्स देने वाले अधिकतर लोग बाहर हो जाएंगे।
2. टैक्स स्लैब में बदलाव
1 फरवरी को बजट में इनकम टैक्स स्लैब में भी बदलाव हो सकता है। सरकार 5 से 10 लाख तक 10 फीसदी, 10 से 20 लाख तक 20 फीसदी और 20 लाख से ऊपर 30 फीसदी टैक्स लगा सकती है। अभी 10 लाख रुपए से 20 लाख रुपए के बीच कोई स्लैब नहीं है। 

3. निवेश के लिए टैक्स छूट की सीमा बढ़ सकती 
अभी हमें इंश्योरेंस, पीपीएफ, ईपीएफ में 1.5 लाख तक निवेश पर टैक्स छूट मिलती है। महंगाई बढ़ने के कारण सरकार बजट 2018 में इस लिमिट को बढ़ाकर 2.5 से 3 लाख रुपए कर सकती है। 
4. मेडिकल रिइंबर्समेंट, ट्रांसपोर्ट अलाउंसेस पर छूट में इजाफा
अभी 15 हजार रुपए हर साल मेडिकल रिइंबर्समेंट और 1600 रुपए का कंपनी की तरफ से दिया गया ट्रांसपोर्ट अलाउंसेस टैक्स फ्री है। बजट में इसकी लिमिट बढ़ाई जा सकती है।

5. यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम
सरकार ओबामाकेयर की तर्ज पर बजट 2018 में सबके लिए यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम ला सकती है। इसके तहत 3 कैटेगरी हो सकती है। इसके तहत 2 से 5 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस मिल सकता है। स्कीम में असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी और बीपीएल परिवारों पर फोकस हो सकता है।
6. यूनिवर्सल बेसिक इनकम
बजट में सरकार सभी के लिए बेसिक इनकम की स्कीम ला सकती है। इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड ने हाल ही में कहा था कि अगर सरकार फूड और पेट्रोल, डीजल की सब्सिडी खत्म कर दे तो हर भारतीय को 2600 रुपए सालाना बेसिक इनकम दे सकती है। चुनाव को देखते हुए इस पर फैसला संभव है।

7. नई डेट म्युचुअल फंड स्कीम
वित्तमंत्री बजट में सेक्शन 80 सी के तहत एक डेट म्युचुअल फंड स्कीम ला सकते हैं। इसका मतलब आप इस स्कीम में निवेश कर टैक्स बचा सकेंगे। अभी इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) के तहत ही टैक्स छूट का फायदा मिलता है। ये स्कीम सेक्शन 80 सी में शामिल है जिसमें 1.5 लाख रुपए तक टैक्स छूट का फायदा उठाया जा सकेगा।
8. शेयरों में निवेश पर टैक्स 
वित्तमंत्री अरुण जेटली शेयरों में निवेश पर लांग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लगा सकते हैं। सरकार अभी शेयरों पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) लगाती है। अगर ये टैक्स लगा तो 1 साल बाद शेयर बेचने पर एलटीसीजी टैक्स देना होगा। अभी 1 साल से कम समय में शेयर बेचने पर 15 फीसदी का शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स देना होता है।

9. डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स की विदाई
वित्त मंत्रालय डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (DDT) को आने वाले केंद्रीय बजट में हटा सकता है। अगर अभी कोई कंपनी अपने शेयरहोल्डर को डिविडेंड देती है तो उसे 20.36 फीसदी (15 फीसदी सरचार्ज और सेस) का डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स देना होता है।

10. एनपीएस के लिए छूट में बढ़ोतरी
अभी एनपीएस के रिटर्न पर टैक्स लगता है। ये ईईटी में आती है। इसका मतलब है कि इस योजना से निकाली जाने वाली रकम पर टैक्स लगता है। सरकार इसको पूरी तरह टैक्स फ्री कर सकती है। 

इसके अलावा कपंनियों के लिए कॉपोर्रेट टैक्स में कुछ बदलाव हो सकता है और हमेशा की तरह गांव, कृषि और स्वास्थ्य के बजट अलोकेशन में बढ़ोतरी की संभावना है।

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