शाहरुख खान ने किया ऐसा नेक काम, जानकर तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे - .

Breaking

Monday, 18 December 2017

शाहरुख खान ने किया ऐसा नेक काम, जानकर तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे

शाहरुख खान ने किया ऐसा नेक काम, जानकर तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे

बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान ने एक बार फिर बड़े दिल का परिचय दिया है। शाहरुख खान गंभीर रूप से बीमार गोल्‍ड मेडल विजेता मुक्‍कबाज कौर सिंह की मदद के लिए आगे अाए हैं।


जेएनएन, चंडीगढ़। बॉलीवुड के किंग खान शाहरुख खान ने बड़ा दिल दिखाया है। शाहरुख बीमारी से जूझ रहे पंजाब के मुक्‍केबाज कौर सिंह की मदद के लिए आगे आए हैं। कौर सिंह अपनी बीमारी के इलाज का बिल का भुगतान नहीं कर पा रहे थे और उनके लिए समुचित इलाज की समस्‍या पैदा हो गई थी। इस बारे में पता चला तो शाहरुख आगे आए और पांच लाख रुपये देकर उनके मेडिकल बिलों का भुगतान कराया। काैर सिंह ने 1982 के एशियाई खेलों में स्‍वर्ण पदक जीता था।
दिल व गुर्दें की भयानक बीमारी, टांगों में दर्द की बीमारी से पीडि़त पद्मश्री 70 वर्षीय कौर सिंह अपने मेडिकल बिलों का भुगतान न कर पाने से परेशान थे। पैसे के अभाव में उनका ठीक से इलाज नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में जागरण ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो लोग उनकी मदद के लिए आगे आने लगे। 
बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान को इस बारे में पता चला तो वह उनकी मदद के लिए आगे आए। बताया जाता है कि उन्‍होंने तत्‍काल पांच लाख रुपये की मदद से उनके सारे बिलों का भुगतान करा दिया। शाहरुख खान ने यह राशि उनके कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) फाउंडेशन के माध्यम से जारी कराई।
घर में बीमार पड़े कौर सिंह।
जानकारी के अनुसार, केकेआर ने संगरूर के खनाल खुर्द स्थित बैंक में कौर सिंह के खाते में यह राशि जमा की है। शाहरुख खान का कहना है कि खिलाड़ी हमारे देश में अभिमान पैदा करते हैं और समाज के रूप में उनकी देखभाल करने का हमारा कर्तव्य है। हम कौर सिंह को जल्द ठीक होने के लिए और एक स्वस्थ जीवन के लिए शुभकामनाएं देते हैं।
अपने छोटे से घर मे रहने वाले कौर सिंह शाहरुख खान की मदद पाकर भावुक हो गए। उनका कहना है कि वह अपने जज्बात को शब्द नहीं दे पा रहे हैं। कौर सिंह लंबे समय तक फौज में भी सेवाएं दे चुके हैं। 1982 में भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन अवार्ड और फिर पद्मश्री सम्मान से नवाजा था।  जागरण ने बॉक्सर कौर सिंह की खबर को प्रमुखता से उठाया था। केंद्रीय खेल मंत्रलय भी कौर सिंह को पांच लाख रुपये की सहायता दे चुका है। शाहरुख के बाद दूसरे कई संगठनों ने भी कौर सिंह की मदद के लिए पहल की है। पंजाब सरकार ने भी उनकी मदद के लिए दो लाख का चेक दिया है।
दिल व गुर्दें की भयानक बीमारी, टांगों में दर्द की बीमारी से पीडि़त कौर सिंह रिंग के किंग तो थे ही उन्‍होंने सेना में भी पराक्रम दिखाया था। वह 1971 में फौज में भर्ती हुए थे। कौर सिंह ने राजस्थान के अहमदाबाद सेक्टर में लड़ाई का मैदान संभाला और जीत प्राप्त की। फौज में बहादुरी से लड़ाई लड़ने के कारण उनको संग्राम मेडल व वेस्ट स्टार अवार्ड से सम्मानित किया गया।
करीब पौने सात फीट के कद वाले कौर सिंह ने बताया कि उनके चाचा महिंदर सिंह नेे 1971 में फौज में भर्ती होने की सलाह दी तो पटियाला में भर्ती में शामिल होने के लिए उनके पास किराया भी नहीं था। कौर सिंह ने बताया कि वह अपने चाचा से 13 रुपये मांगकर भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने गए। चाचा  के 13 रुपये से उनकी जिंदगी बनी, जिसे वह कभी नहीं भूल सकते।
करीब 15 दिन चंडीगढ़ के प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाकर कौर सिंह घर लौट अाए। पैसे की कमी इलाज में बाधा बन गए। इसके बाद भी उनका हालचाल पूछने कोई मंत्री व अधिकारी नहीं पहुंचा। इसके बाद वह कौर  बिस्तर पर पड़ा हैं। उसके बगल में किसी छोटी डिस्पेंसरी जितनी दवाइयां पड़ी हैं। वह दवाइयों के सहारे अपनी जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं ।
फौज से सेवानिवृत्त होकर पंजाब पुलिस में जालंधर में बॉक्सिंग कोच भी रहे। तत्कालीन आइजी नौनिहाल सिंह उनके जूनियर रहे हैं। कौर सिंह ने इस दौरान कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज तैयार किए। इसके अलावा कौर सिंह ने कोरिया, इंडोनेशिया, अमेरिका, जापान व अन्य दर्जन देशों में अपने खेल का जलवा दिखाया। 

No comments:

Post a Comment

Pages