गुजरात चुनाव: सोमनाथ मंदिर में राहुल गांधी की एक गैर-हिंदू के रूप में एंट्री से विवाद गहराया - .

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Wednesday, 29 November 2017

गुजरात चुनाव: सोमनाथ मंदिर में राहुल गांधी की एक गैर-हिंदू के रूप में एंट्री से विवाद गहराया

गुजरात चुनाव: सोमनाथ मंदिर में राहुल गांधी की एक गैर-हिंदू के रूप में एंट्री से विवाद गहराया


 गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सोमनाथ मंदिर में दर्शन करने जाने से विवाद खड़ा हो गया है. बुधवार को सोमनाथ मंदिर में राहुल गांधी की एंट्री एक गैर-हिंदू विजिटर के रूप में कराई गई. इससे आलोचकों और विरोधियों को एक बार फिर से राहुल के खिलाफ बोलने का मौका मिल गया. हालांकि, कांग्रेस ने कहा है कि यह उनके सहयोगी द्वारा की गई त्रुटि है. इस गलती की वजह से ही ट्विटर पर दिन भर सोमनाथ टेंपल ट्रेंड में रहा. हालांकि, उम्मीद की जा रही है कि इस मुद्दे को भी धर्म का रंग देकर चुनावी समर में भुनाने की कोशिश करेगी. 

अगले महीने होने वाले चुनाव के लिए सौराष्ट्र क्षेत्र में चुनावी प्रचार के दौरान राहुल गांधी, राज्यसभा सांसद और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल के साथ सोमना मंदिर गये. वहां पर कांग्रेस के मीडिया कॉर्डिनेटर मनोज त्यागी ने उन दोनों की एंट्री एंट्री गैर हिन्दू के तौर पर कराई. बता दें कि मंदिर के नियमों के अनुसार, गैर हिन्दुओं को रजिस्टर में एंट्री करनी जरूरी होती है. मीडिया कॉर्डिनेटर ने लिखा कि मंदिर में हिंदुओं और गैर-हिंदुओं के लिए अलग रजिस्टर होती है, इस बात की जानकारी उन्हें नहीं थी. 

पार्टी ने जब राहुल गांधी की हैंडराइटिंग पर गौर किया तो पाया कि रजिस्टर पर जो उनके हस्ताक्षर हैं, वो बिल्कुल ही अलग हैं. राहुल ने आगंतुकों के रजिस्टर पर दस्तखत किये थे जहां उन्होंने लिखा कि यह जगह प्रेरणा देने वाली है.पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी ने उस रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं किया है और आलोचकों द्वारा ट्विटर सिहत सोशल मीडिया पर इस त्रुटि को मजाक बनाने के रूप में प्रस्तुत किया गया. मगर एक बात है कि इस घटना से उनके विरोधी को बोलने का एक और मौका मिल गया है.

राहुल गांधी और पीएम मोदी की मंदिर यात्रा एक ही दिन होने से चुनावी अभियान काफी दिलचस्प हो गया था. बुधवार को दोनों ने सौराष्ट्र इलाके में ही अपनी चुनावी प्रचार किया. बता दें कि राज्य के 182 सदस्यीय विधानसभा में 54 सीटें सौराष्ट्र और कच्छ से आते हैं. 


सोनाथ मंदिर से 25 किलोमीटर दूर प्राची में पीएम मोदी ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नेहरू-गांधी परिवार पर हमला बोला और राहुल गांधी को याद दिलाया कि जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी ने सोमनाथ मंदिर के निर्माण का विरोध किया था. उन्होंने कहा कि अगर सरदार पटेल नहीं होते तो शायद सोमनाथ मंदिर कभी संभव नहीं हो पाता. 

उन्होंने कहा कि कुछ लोग आज सोमनाथ मंदिर को याद करते हैं, मैं उनसे पूछना चाहूंगा कि क्या आप अपना इतिहास भूल गये हैं? आपके परिवार के लोगों यानी भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू सोमनाथ मंदिर के निर्माण के विचार से खुश नहीं थे. जब राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर का उद्घाटन किया, पंडित नेहरू ने अपना दुख प्रकट किया था. 


बता दें कि राहुल गांधी गुजरात चुनाव के दौरान पिछले कुछ सप्ताह में गुजरात नवसर्जन यात्रा के रूप में कई मंदिरों का दौरा किया. गौरतलब है कि गुजरात में 9 दिसंबर और 14 दिसंबर को चुनाव होने हैं और 18 दिसंबर को वोटों की गिनती होगी. 

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