इन फायदों को जानने के बाद पति नहीं अपने लिए पहनने लगेंगी मंगलसूत्र - .

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Tuesday, 21 November 2017

इन फायदों को जानने के बाद पति नहीं अपने लिए पहनने लगेंगी मंगलसूत्र

इन फायदों को जानने के बाद पति नहीं अपने लिए पहनने लगेंगी मंगलसूत्र


भारत में शादी-शुदा महिलाएं मंगलसूत्र पहनती हैं. हिंदु सभ्यता के मुताबित मंगलसूत्र पहनने का सीधा संबंध पति की लम्बी आयु से है. ऐसा माना जाता है कि मंगलसूत्र से पति की उम्र लंबी होती है. इसे पहनने से पति-पत्नी में प्यार और कमिटमेंट बना रहता है. इसीलिए शादी के दौरान लड़कियों को मंगलसूत्र पहनाया जाता है. आजकल मंगलसूत्र के डिज़ाइन में कई तरह के बदलाव देखे जा रहे हैं. लेकिन आज भी असली मंगलसूत्र काले बीड्स और दो कप डिज़ाइन वाले को ही माना जाता है. दक्षिण भारत में आज भी ये दो कप डिज़ाइन वाले मंगलसूत्र ही पहनाए जाते हैं. लेकिन वहां काले मोतियों की बजाय हल्दी में लिपटा धागा होता है.   


सोने के दो कप और काले मोतियों से बने मंगलसूत्र के अपने-अपने गुण हैं. सोने से बने दो कप 'सत्वा-गुण' से जुड़े होते हैं, जो शिव की शक्ति को दर्शाते हैं और दिल को स्वस्थ्य रखते हैं. इस कप की पहचान है इन पर किसी भी तरह का डिज़ाइन ना बना होना. वहीं, काले मोतियों के लिए माना जाता है कि ये बुरी नज़रों और नकारात्मक शक्तियों से बचाते हैं. लेकिन विज्ञान का कुछ और ही मानना है. विज्ञान के मुताबिक मंगलसूत्र ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाता है और बॉडी प्रेशर को कंट्रोल में रखता है. बस इसके लिए ज़रूरी है कि मंगलसूत्र छाती के पास रहे कपड़ों के ऊपर नहीं. 

वहीं, आर्युवेदा के मुताबिक सोने के बने मंगलसूत्र के ये दो कप का सबसे लाभकारी गुण ये है कि वो दिल को दुरूस्त रखता है. इसके साथ ही मंगलसूत्र में लगी तीन गांठे, शादीशुदा ज़िंदगी की तीन मुख्य बातों को दर्शाती है. पहली, गांठ एक-दूसरे के प्रति आज्ञापालन को दिखाती है. दूसरी, माता-पिता के लिए प्यार दिखाती है और तीसरी, गांठ भगवान के प्रति सम्मान को दिखाती है.

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